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केरल में राहुल का प्रहार: “वामपंथ सिद्धांतों से भटका, बीजेपी से सांठगांठ”

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 3 days ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कन्नूर (केरल)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल दौरे के दौरान सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य का वामपंथ अपने मूल सिद्धांतों से भटक गया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ उसकी “अभूतपूर्व साझेदारी” बन गई है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को विचारधाराओं की सीधी लड़ाई करार दिया।


यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के स्टार प्रचारक के रूप में कन्नूर पहुंचे गांधी ने दिन की शुरुआत स्थानीय नेताओं के साथ नाश्ते पर बैठक से की। इसके बाद उन्होंने जिले भर से आए उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान सीपीआई (एम) के पूर्व वरिष्ठ नेता टी.के. गोविंदन और वी. कुंजिकृष्णन, जो अब यूडीएफ समर्थित उम्मीदवार हैं, भी मंच पर मौजूद रहे। गांधी ने इसे वाम दलों के भीतर हो रहे बदलाव का संकेत बताया।


रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “यह चुनाव परंपरागत रूप से लेफ्ट और यूडीएफ के बीच होता रहा है, लेकिन पहली बार हम लेफ्ट और भाजपा के बीच एक तरह की साझेदारी देख रहे हैं।” उन्होंने इसे “राजनीतिक पहेली” बताते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से दोनों की विचारधाराएं एक-दूसरे के विपरीत रही हैं।


मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि वर्तमान वाम नेतृत्व कॉरपोरेट हितों के प्रति नरम हो गया है और आम जनता के मुद्दों से दूर चला गया है। उन्होंने कहा, “आज का लेफ्ट अब लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुका है।”


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुए गांधी ने सवाल उठाया कि जहां मोदी देशभर में धार्मिक मुद्दों को उठाते हैं, वहीं केरल में सबरीमाला जैसे संवेदनशील विषय पर अपेक्षाकृत चुप्पी क्यों साधी गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ विभिन्न कानूनी कार्रवाइयों के बावजूद मुख्यमंत्री विजयन या उनके परिवार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे राजनीतिक समीकरणों पर सवाल खड़े होते हैं।


कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भाजपा चाहती है कि केरल में सीपीआई (एम) सत्ता में बनी रहे, क्योंकि उसे नियंत्रित करना आसान है। इसके उलट, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को भाजपा नियंत्रित नहीं कर सकती और कांग्रेस ही राष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार का प्रभावी मुकाबला करने में सक्षम है।


राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के व्यापारिक फैसलों से भारतीय किसानों—विशेषकर रबर, मक्का, सोया और फल उत्पादकों—को नुकसान हो सकता है। साथ ही उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और छोटे व्यवसायों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई।


चुनाव को “मूल्यों की लड़ाई” बताते हुए गांधी ने कहा कि केरल की पहचान हमेशा एकता, अहिंसा और सामाजिक सौहार्द की रही है। उन्होंने कहा कि यूडीएफ प्रेम और भाईचारे की राजनीति करती है, जबकि लेफ्ट और भाजपा का कथित गठजोड़ समाज में विभाजन पैदा करता है।


कन्नूर में सभा के बाद गांधी का कार्यक्रम कोझिकोड जिले के नाडापुरम में दो और जनसभाओं को संबोधित करने का है। उनके इस दौरे का उद्देश्य यूडीएफ के चुनावी संदेश को मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जनसमर्थन जुटाना बताया गया।

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