केरल का भविष्य दांव पर, बदलाव जरूरी: अमित शाह
- धन्ना राम चौधरी

- 6 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
एर्नाकुलम। अमित शाह ने रविवार को एर्नाकुलम में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केरल विधानसभा चुनाव को राज्य के भविष्य से जुड़ा निर्णायक चुनाव बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि केरल के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर है।
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की पारंपरिक राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के बीच सत्ता का आदान-प्रदान होता रहा है, लेकिन दोनों ही गठबंधनों ने जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि “पहले यूडीएफ आई, फिर एलडीएफ, फिर यूडीएफ—लेकिन हालात नहीं बदले।”
युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए शाह ने कहा कि केरल के युवा शिक्षित और प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राज्य में अवसरों की कमी के कारण उन्हें विदेशों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा। देश की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि आज देश नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तेज़ी से प्रगति कर रहा है, जबकि कम्युनिस्ट और कांग्रेस जैसी विचारधाराओं का प्रभाव घट रहा है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में केरल में भी एनडीए की सरकार बनना तय है।
इस बार एनडीए में ट्वेंटी 20 पार्टी के शामिल होने को शाह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया और जनता से इस गठबंधन को समर्थन देने की अपील की। विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कोच्चि स्मार्ट सिटी और कोच्चि मेट्रो जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। साथ ही उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एलडीएफ और यूडीएफ ने प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी।
शाह ने विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां राष्ट्रीय स्तर पर ये दल एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं, वहीं केरल में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होते हैं। उन्होंने एनडीए को “ए टीम” और अन्य दलों को “बी टीम” करार दिया। सभा के अंत में उन्होंने केरल की जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए निर्णायक बदलाव किया जाए।
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