top of page
भारतार्थ-logo

कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय एकजुटता: राज्यहित की रक्षा के लिए सभी दल आए साथ

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 2 अग॰
  • 2 मिनट पठन
Government officials meet around a conference table with microphones, papers, flowers, and an Indian backdrop; फाइल फोटो

सीएम आवास ‘कृष्णा’ में हुई अहम बैठक, कर्नाटक के जल अधिकार और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक स्वर में उठी आवाज

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 2 अगस्त, 2026 कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जब राज्यहित और किसानों के भविष्य का प्रश्न सामने हो, तब राजनीतिक मतभेद पीछे छूट जाते हैं। रविवार को मुख्यमंत्री आवास ‘कृष्णा’ में आयोजित महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में कर्नाटक के वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एक मंच पर दिखाई दिए।


बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कावेरी जल विवाद केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जीवनरेखा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों, आम नागरिकों और पेयजल आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की राजनीतिक संस्कृति हमेशा राज्यहित के मुद्दों पर एकजुट रही है। चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी दलों ने समय-समय पर राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास किए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कावेरी मुद्दे पर भी यही परंपरा आगे बढ़ेगी और सभी दल एकजुट होकर राज्य की आवाज को मजबूती से रखेंगे।


बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, एचडी कुमारस्वामी, डीवी सदानंद गौड़ा और बसवराज बोम्मई सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार रखे। केंद्रीय मंत्री वी सोमन्ना और शोभा करंदलाजे भी बैठक में उपस्थित रहे। इस दौरान राज्य के जल संसाधनों की वर्तमान स्थिति, कानूनी पहलुओं और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।


मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि कावेरी जल विनियमन समिति और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठकों से पहले उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों तथा वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर कर्नाटक का पक्ष मजबूती से रखा था। उन्होंने कहा कि केंद्र स्तर पर भी राज्य की चिंताओं को गंभीरता से उठाया गया, जिससे कर्नाटक के हितों को बल मिला।


उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली में आयोजित सांसदों की बैठक में सभी दलों ने राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का भरोसा दिया था। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अब सर्वदलीय बैठक में भी राज्यहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प दोहराया गया है।


गौरतलब है कि हाल ही में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। राज्य सरकार की अपील को खारिज किए जाने के बाद यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो गया है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में सर्वदलीय एकजुटता कर्नाटक के पक्ष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बैठक का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि राज्य के जल अधिकार, किसानों की आजीविका और पेयजल सुरक्षा जैसे विषयों पर सभी दल एक मंच पर खड़े हैं।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page