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कर्नाटक में सूखे पर गरजे विजयेंद्र, बोले—किसानों को राहत दे सरकार

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 10 अग॰
  • 4 मिनट पठन

बी.वाई. विजयेंद्र का कांग्रेस सरकार पर हमला; सूखा राहत, बिदादी टाउनशिप और किसानों की जमीन के मुद्दे पर सदन में लड़ाई का ऐलान


मंच पर कई नेता, बीच में भाषण देता व्यक्ति; पीछे मोदी व अन्य नेताओं वाला कन्नड़ बैनर, फूलों से सजा सभा कक्ष

कर्नाटक में सूखे और किसान संकट को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र का बयान

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) 09 अगस्त, 2026 | बेंगलुरु, कर्नाटक / कर्नाटक में सूखा, किसान संकट और बिदादी टाउनशिप का मुद्दा एक बार फिर सियासी टकराव के केंद्र में आ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है। विजयेंद्र ने कहा कि बारिश की कमी से किसान परेशान हैं, कई इलाकों में खेती प्रभावित हुई है और पेयजल संकट की स्थिति भी गंभीर हो सकती है। ऐसे समय में सरकार को किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस राहत देनी चाहिए।

विजयेंद्र ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूखे की स्थिति में किसानों को कम से कम एक बार जवाब तो मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और जरूरत के मुताबिक कर्ज राहत की दिशा में कदम उठाने की मांग की।


सूखे पर सरकार को घेरा


विजयेंद्र के अनुसार, बारिश की कमी का असर खेती पर पड़ रहा है और किसान संकट में हैं। बाजरा, ज्वार, फल एवं सब्जियों सहित विभिन्न फसलों की खेती करने वाले किसानों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को सूखे की स्थिति पर तत्काल सक्रिय होकर प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करना चाहिए। विजयेंद्र ने मांग की कि किसानों को राहत देने में देरी नहीं होनी चाहिए।

इससे पहले भी विजयेंद्र बारिश की कमी को लेकर राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को ₹50,000 प्रति एकड़ तक मुआवजा देने की मांग कर चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने उत्तर कर्नाटक के कई जिलों में कम बारिश और खेती प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था।


‘सिर्फ चिट्ठी लिखने से नहीं मिलेगी राहत’


बीजेपी मंच पर नेता दीप प्रज्वलित करते, केसरिया गमछों में; पीछे हिंदी बैनर और फूलों से सजा मंच।

विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सहायता मांगने की रणनीति पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि केंद्र से मदद मांगना अपनी जगह है, लेकिन राज्य सरकार को पहले अपने स्तर पर किसानों के लिए राहत के ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने सरकार से पूछा कि सूखे की स्थिति में राज्य की ओर से अब तक क्या राहत दी गई है और प्रभावित किसानों तक सहायता किस तरह पहुंचाई गई है।

विजयेंद्र का आरोप है कि सरकार को किसानों के बीच जाकर वास्तविक स्थिति समझनी चाहिए और तत्काल अंतरिम राहत की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानी को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई से दूर किया जाना चाहिए।


बिदादी टाउनशिप पर भी सरकार को घेरा


विजयेंद्र ने बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन और उनके हितों से जुड़े इस मुद्दे पर भाजपा अपना संघर्ष जारी रखेगी।

विपक्ष पहले से ही बिदादी टाउनशिप परियोजना के विरोध में किसानों के साथ खड़ा होने का दावा कर रहा है। भाजपा ने किसानों की जमीन के मुद्दे को विधानसभा के भीतर भी जोरदार तरीके से उठाने की बात कही है। जुलाई में विजयेंद्र और अन्य भाजपा नेताओं ने बिदादी टाउनशिप को लेकर किसानों के पक्ष में आंदोलन किया था।

विजयेंद्र का कहना है कि किसानों की सहमति और उनके हितों की अनदेखी करके विकास परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर विपक्ष सदन के भीतर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है।


किसानों की जमीन और विकास मॉडल पर बहस


बिदादी टाउनशिप को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि कृषि भूमि को विकास परियोजनाओं के लिए लेने से किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, परियोजना को लेकर सरकार की ओर से विकास और शहरी विस्तार का पक्ष सामने आया है।


ऐसे में बिदादी का मुद्दा केवल जमीन अधिग्रहण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह किसान हित बनाम शहरी विकास की व्यापक बहस का विषय बन गया है।


वाल्मीकि कॉर्पोरेशन मामले पर भी हमला


विजयेंद्र ने पूर्व मंत्री नागेंद्र को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से जुड़े धन के कथित दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई का सामना कर चुके व्यक्ति को दोबारा मंत्री पद दिए जाने पर भाजपा आपत्ति जताती है।


यह आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा है और संबंधित मामले में कानूनी प्रक्रिया तथा अदालत के निर्णय को अंतिम आधार माना जाना चाहिए। विजयेंद्र ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा के विरोध की बात कही।


RSS को लेकर प्रियांक खड़गे पर पलटवार


विजयेंद्र ने कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे की RSS को लेकर आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने RSS को राष्ट्रवादी विचारों और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा संगठन बताते हुए कहा कि उसके योगदान की आलोचना करने से पहले उसके कार्यों को समझना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर RSS को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा इस तरह के आरोपों का राजनीतिक स्तर पर जवाब देगी।


सदन में उठेंगे किसान और बिदादी के मुद्दे


विजयेंद्र ने संकेत दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में भाजपा किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। सूखा, फसल नुकसान, पेयजल, मुआवजा और बिदादी टाउनशिप जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए सरकार को घेरने के प्रमुख हथियार बन सकते हैं।

जुलाई में भी विजयेंद्र ने कहा था कि भाजपा और जेडीएस मिलकर विधानसभा सत्र में बिदादी टाउनशिप, उत्तर कर्नाटक की समस्याओं और कावेरी क्षेत्र के किसानों की परेशानी जैसे मुद्दे उठाएंगे।


अब सरकार के सामने क्या चुनौती?


कर्नाटक में बारिश की स्थिति और कृषि संकट को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ने के बीच राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित किसानों तक समय पर राहत पहुंचाने की है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि किसान संगठन भी अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हैं।

राजनीतिक आरोपों से अलग देखें तो सूखे जैसी स्थिति में फसल नुकसान का वैज्ञानिक आकलन, पेयजल एवं चारे की उपलब्धता, राहत पैकेज और किसानों तक समय पर सहायता जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

विजयेंद्र ने सरकार से इसी दिशा में तेजी से कार्रवाई करने की मांग की है और स्पष्ट किया है कि भाजपा किसानों के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।

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