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कर्नाटक में कांग्रेस की महिला नेता ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल, पीएम मोदी से मांगी सुरक्षा और केंद्रीय जांच

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 17
  • 2 min read

Updated: Mar 18


भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलूरु। कर्नाटक की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस की एक महिला नेता ने अपनी ही पार्टी के एक अन्य नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से न्याय की गुहार लगाई। महिला नेता ने न केवल अपने साथ कथित उत्पीड़न और हमले का आरोप लगाया है, बल्कि राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।


कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस की राज्य सचिव और दलित नेता चेतना ने ईमेल के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के ही एक नेता राहिल शरीफ ने उनके और उनके पति पर हमला करने की कोशिश की।


चेतना के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने किराए के मकान को खाली करने के लिए कहा। आरोप है कि इसके बाद संबंधित नेता ने उनके घर में घुसकर हमला करने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मामले की जांच निष्पक्ष रूप से नहीं की जा रही है।


महिला नेता ने अपने पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी के फोन में कई हिंदू लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मौजूद हैं और उन्हें कथित तौर पर “लव जिहाद” के जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही थी। इस संबंध में उन्होंने विस्तृत जांच की मांग की है।


इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की कांग्रेस सरकार को असहज स्थिति में ला दिया है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध सकता है, क्योंकि मामला कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़ा है।


चेतना द्वारा सीधे प्रधानमंत्री से मदद मांगने को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उन्हें राज्य की अपनी सरकार और पुलिस तंत्र पर भरोसा नहीं है। फिलहाल इस मामले में कांग्रेस या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

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