कर्नाटक का क्वांटम रोडमैप लॉन्च, 2035 तक 20 बिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य
- धन्ना राम चौधरी

- 15 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलूरु। कर्नाटक ने उभरती हुई क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश को नई दिशा देते हुए भारत का पहला व्यापक क्वांटम रोडमैप “विज़न से रियलिटी तक” लॉन्च कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस पहल के साथ राज्य ने वर्ष 2035 तक 20 बिलियन डॉलर की क्वांटम अर्थव्यवस्था विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
राज्य सरकार के इस दूरदर्शी कदम का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम सेंसिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और औद्योगिक विकास को गति देना है। इस रोडमैप के जरिए कर्नाटक न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को भी मजबूत करेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत “क्वांटम-सिटी” की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, जो क्वांटम टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के लिए एक समर्पित इकोसिस्टम प्रदान करेगा। इसके साथ ही एक विशेष क्वांटम टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा, जो नीति निर्माण, अनुसंधान दिशा और वैश्विक सहयोग को समन्वित करने का कार्य करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल कर्नाटक को क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसर भी पैदा करेगी। स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर देते हुए राज्य युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है।
सरकार का फोकस अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने पर भी है, ताकि वैश्विक संस्थानों और कंपनियों के साथ मिलकर अनुसंधान एवं विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। इससे निवेश आकर्षित होगा और राज्य में टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों का विस्तार होगा।
कर्नाटक पहले से ही आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में देश का अग्रणी केंद्र रहा है। अब क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यह पहल राज्य को भविष्य की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। स्पष्ट है कि विज्ञान और तकनीक के सहारे कर्नाटक विकास की नई इबारत लिख रहा है। इनोवेशन को विकास का इंजन बनाकर राज्य न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहा है, बल्कि भारत को भी वैश्विक टेक्नोलॉजी मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की ओर अग्रसर है।
_edited.jpg)



टिप्पणियां