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एशियन अंडर-23 में भारत का जलवा: आनंद सिंह ने जीता गोल्ड, चीन में लहराया तिरंगा

  • लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
    Ashok kumar Singh
  • 14 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Indian athlete Singh smiles holding the Indian flag after winning gold; 80.57M at Asian U23 Athletics Championships.
आजमगढ़ के युवा भाला फेंक खिलाड़ी आनंद सिंह ने 80.57 मीटर का करियर बेस्ट थ्रो कर एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद तिरंगा लहराते आनंद सिंह (फोटो: AFI/प्रतीकात्मक)

भारतार्थ खबर | संवाददाता: अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) ओरडोस (चीन)/आजमगढ़ | 14 जुलाई, 2026। एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप 2026 में भारत के युवा भाला फेंक खिलाड़ी आनंद सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बुदनपुर क्षेत्र के टाहर किशुनदासपुर गांव के रहने वाले 22 वर्षीय आनंद सिंह ने चीन के ओरडोस में आयोजित प्रतियोगिता में 80.57 मीटर का करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार किया और भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर गर्व से लहराया।


एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में आनंद सिंह का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रतियोगिता में उतरने से पहले उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 77.68 मीटर था, लेकिन फाइनल में उन्होंने जबरदस्त सुधार करते हुए नया करियर बेस्ट बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।


आनंद सिंह का चयन 54 सदस्यीय भारतीय ट्रैक एंड फील्ड टीम में हुआ था। उन्होंने चयनकर्ताओं और देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे आजमगढ़, बुदनपुर क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में खुशी का माहौल है। परिजनों, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।


आनंद सिंह का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। 28 जून को भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 77.68 मीटर का थ्रो कर चौथा स्थान हासिल किया था। वहीं इस वर्ष की शुरुआत में पटियाला में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो प्रतियोगिता में 76.94 मीटर का थ्रो कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इन लगातार बेहतर प्रदर्शनों का परिणाम अब एशियाई स्तर पर स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आनंद सिंह इसी तरह मेहनत और निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वे विश्व एथलेटिक्स और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी भारत के लिए पदक जीतने की मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं। उनकी सफलता देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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