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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

06 नवंबर /2026 /शुक्रवार

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

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आश्रय मकानों के आवंटन में देरी पर शिवमोग्गा में प्रदर्शन, पूर्व मंत्री ईश्वरप्पा हिरासत में

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
28 अक्टू॰
2 मिनट पठन
शिवमोग्गा में आश्रय योजना के मकानों के आवंटन में देरी के खिलाफ पूर्व मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा के नेतृत्व में महानगर पालिका का घेराव।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com शिवमोग्गा, 28 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के शिवमोग्गा में आश्रय योजना के तहत मकानों के आवंटन में देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। पूर्व मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने शिवमोग्गा महानगर पालिका का घेराव कर पात्र लाभार्थियों को जल्द मकान आवंटित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ईश्वरप्पा और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।


6,000 मकानों की योजना, अब तक 450 आवंटित होने का दावा


के.एस. ईश्वरप्पा ने आरोप लगाया कि गोविंदापुरा और गोपीशेट्टीकोप्पा में आश्रय योजना के तहत कुल 6,000 मकान बनाने की योजना थी, लेकिन अब तक केवल 450 मकान ही लाभार्थियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मकानों की प्रतीक्षा कर रहे कई गरीब परिवार लंबे समय से आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। ईश्वरप्पा के मुताबिक, अनेक लाभार्थियों ने वर्षों पहले अपने हिस्से के रूप में 80 हजार रुपये तक जमा कराए थे। इसके बावजूद उन्हें अब तक मकान नहीं मिल सका है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आवंटन में हो रही देरी के कारण स्पष्ट करने और शेष पात्र लाभार्थियों को जल्द राहत देने की मांग की।


विरोध मार्च के बाद सौंपा ज्ञापन


आश्रय मकानों के आवंटन में तेजी लाने की मांग को लेकर विरोध मार्च रामण्णा शेट्टी पार्क से शुरू हुआ और गोपी सर्कल पर समाप्त हुआ। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि योजना की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए तथा मकानों के आवंटन की समय-सीमा तय कर लाभार्थियों को जानकारी दी जाए। उनका कहना था कि जिन परिवारों ने निर्धारित अंशदान जमा किया है, उन्हें अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं करना चाहिए।


आवंटन में देरी पर जवाबदेही की मांग


आश्रय योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में मकानों के निर्माण और आवंटन में देरी से लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मकानों की कुल संख्या, निर्माण की स्थिति और आवंटन में देरी के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रदर्शन के जरिए प्रशासन से मांग की गई है कि लंबित आवंटन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और पात्र परिवारों को उनके मकान उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। समाचार प्रेषक शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा कर्नाटक।



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