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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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अमेरिका ने कुछ भारतीय विशेष दवाओं को 100% टैरिफ से दी राहत, फार्मा उद्योग के लिए अहम फैसला

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
29 सित॰
2 मिनट पठन
अमेरिका-भारत थीम वाला ग्राफिक: ट्रंप व मोदी, टैरिफ 100% पर कट, EXEMPTED, भारतीय दवाएँ, निर्यात और Made in India बॉक्स।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026। अमेरिका ने भारत समेत 20 देशों और क्षेत्रों से आयात होने वाली कुछ विशेष श्रेणी की फार्मास्युटिकल दवाओं और उनसे जुड़े आवश्यक घटकों को 100 प्रतिशत आयात शुल्क से राहत दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार, यह छूट निर्धारित पात्र उत्पादों पर शून्य शुल्क की व्यवस्था के रूप में लागू होगी। यह निर्णय ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने कुछ पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल दवाओं और संबंधित घटकों पर ‘सेक्शन 232’ के तहत 100 प्रतिशत शुल्क लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकांश कंपनियों के लिए यह शुल्क 29 सितंबर 2026 से प्रभावी होना निर्धारित किया गया था।


किन दवाओं को मिलेगी शून्य शुल्क की सुविधा


अमेरिकी व्यवस्था के तहत शून्य शुल्क का लाभ निर्धारित विशेष श्रेणी के उत्पादों को मिलेगा। इनमें दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए नामित दवाएं, न्यूक्लियर मेडिसिन, प्लाज्मा-आधारित उपचार, फर्टिलिटी दवाएं, सेल एवं जीन थेरेपी तथा एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADCs) शामिल हैं। कुछ चिकित्सा आपातकालीन प्रतिरोधक उत्पादों और पशु-स्वास्थ्य संबंधी फार्मास्युटिकल उत्पादों को भी व्यवस्था में शामिल किया गया है। इन उत्पादों से जुड़े कुछ आवश्यक घटक भी पात्रता के दायरे में हैं।


हालांकि, शून्य शुल्क की व्यवस्था स्वतः सभी भारतीय दवा उत्पादों पर लागू नहीं होती। पात्रता उत्पाद की निर्धारित श्रेणी, मूल देश और अमेरिकी नियमों में तय अन्य शर्तों पर निर्भर करेगी। कुछ मामलों में अमेरिका की तत्काल स्वास्थ्य जरूरत के आधार पर भी विशेष उत्पादों को शून्य शुल्क के लिए पात्र माना जा सकता है।


100 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान


अमेरिकी राष्ट्रपति की 2 अप्रैल 2026 की घोषणा के बाद पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल दवाओं, बायोलॉजिक्स और उनसे जुड़े कुछ घटकों पर शुल्क व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अमेरिकी प्रशासन ने इस नीति का उद्देश्य घरेलू फार्मास्युटिकल उत्पादन को प्रोत्साहित करना बताया है। कुछ कंपनियों के लिए शुल्क 31 जुलाई से प्रभावी हुआ, जबकि अन्य कंपनियों के लिए 29 सितंबर से लागू होने की व्यवस्था की गई।


जेनेरिक दवाओं पर अलग नियम


भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सामान्य जेनेरिक दवाएं और उनसे जुड़े घटक फिलहाल इस विशेष सेक्शन 232 फार्मास्युटिकल टैरिफ के दायरे में नहीं हैं। इसलिए विशेष दवाओं के लिए घोषित शून्य शुल्क को भारत से अमेरिका जाने वाले पूरे फार्मास्युटिकल निर्यात पर लागू छूट के रूप में देखना सही नहीं होगा।


भारत के फार्मा कारोबार के लिए क्या मायने


अमेरिका भारतीय दवा उद्योग के प्रमुख विदेशी बाजारों में शामिल है। ऐसे में विशेष दवाओं की निर्धारित श्रेणियों पर अतिरिक्त शुल्क से राहत से संबंधित भारतीय निर्यातकों के लिए लागत और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा से जुड़े प्रभाव सामने आ सकते हैं। हालांकि वास्तविक असर संबंधित उत्पाद की पात्रता, कंपनी की स्थिति और अमेरिकी नियमों के तहत अंतिम वर्गीकरण पर निर्भर करेगा। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की सूची में भारत के अलावा जापान, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, यूरोपीय संघ और अन्य देश एवं क्षेत्र भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिसूचना में शून्य शुल्क की पात्रता को व्यापार एवं सुरक्षा ढांचे से जुड़े प्रावधानों तथा कुछ मामलों में अमेरिका की तत्काल स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ा गया है। इस घटनाक्रम से भारत-अमेरिका फार्मास्युटिकल व्यापार में विशेष श्रेणी की दवाओं को लेकर शुल्क संबंधी तस्वीर पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हुई है। आने वाले समय में कंपनियों और उत्पादों की पात्रता तथा अमेरिकी प्रशासन की व्याख्या के आधार पर इसका व्यावहारिक प्रभाव और स्पष्ट होगा।

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