अमृतसर ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त: 60 करोड़ की हेरोइन, 5 तस्कर गिरफ्तार
- धन्ना राम चौधरी

- 21 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
अमृतसर, 21 अप्रैल 2026: पंजाब के नशे के खिलाफ जंग में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को जबरदस्त सफलता हासिल की। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 5 तस्करों को दबोच लिया। उनके कब्जे से 7.050 किलोग्राम चूरन जैसी सफेद हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। शुरुआती जांच में पाकिस्तान का सीधा कनेक्शन उजागर हुआ है, जो पंजाब के युवाओं को नशे की चपेट में झोंकने का कुचक्र रच रहा था।
पुलिस आयुक्त की दोपहर बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सनसनीखेज कार्रवाई का पूरा खुलासा किया गया। अमृतसर कमिश्नरेट की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। थाना छेहरटा और थाना कैंटोनमेंट क्षेत्रों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे पाकिस्तान के एक प्रमुख तस्कर के इशारों पर काम कर रहे थे। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, "ये गिरोह सीमा पार से हेरोइन की खेपें भारत लाकर पंजाब के कोने-कोने में बांट रहा था। युवाओं को निशाना बनाकर यह नेटवर्क राज्य की नींव हिला रहा था।"
पाकिस्तान का हाथ, पंजाब के युवा निशाने पर
डीजीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच में पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क साबित हो चुके हैं। "ये आरोपी उसी के निर्देशों पर पंजाब में सप्लाई चेन चला रहे थे। हमारा लक्ष्य पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकना है।" पुलिस अब ऊपरी और निचले स्तर के सभी लिंक की तह तक पहुंचने के लिए गहन छानबीन कर रही है। बरामद हेरोइन की मात्रा इस बात का प्रमाण है कि गिरोह का दायरा विशाल था, जो न केवल अमृतसर बल्कि पूरे पंजाब को जकड़ने की फिराक में था।
नशामुक्त पंजाब: सख्ती का सिलसिला जारी
पंजाब सरकार और पुलिस की नशामुक्ति मुहिम में यह सफलता मील का पत्थर साबित हो रही है। डीजीपी गौरव यादव ने जोर देकर कहा, "नशामुक्त पंजाब अभियान के तहत तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। युवाओं का भविष्य बचाना हमारा संकल्प है।" हाल ही में शुरू हुए 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के दूसरे चरण में राज्यभर में जागरूकता रैलियां, गांव-गांव में कार्यक्रम और युवाओं को जोड़ने वाले प्रयास तेज हो गए हैं। सरकार का दावा है कि यह जन आंदोलन ग्रामीण स्तर तक फैल चुका है, जिसमें हजारों लोग शामिल हो रहे हैं।
इस कार्रवाई से नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे के खिलाफ सतत अभियान जारी रहेगा। पंजाब के युवा अब सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।
ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।
_edited.jpg)



टिप्पणियां