अगस्त से महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा का नया नियम, बिना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं मिलेगा फ्री सफर
- धन्नाराम चौधरी

- 10 जुल॰
- 2 मिनट पठन

डीटीसी बस में यात्रा करती महिलाएं और पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 10 जुलाई, 2026 पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अब दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा की नई पहचान बनने जा रहा है। 1 अगस्त 2026 से दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर के लिए कागजी पिंक टिकट की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। इसके स्थान पर केवल पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड (NCMC) धारक महिलाओं को ही मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा। दिल्ली सरकार का दावा है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से यात्रा प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी, साथ ही योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक ही पहुंचेगा।
दिल्ली सरकार के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक महिलाओं को पहले की तरह पिंक टिकट जारी की जाती रहेगी। लेकिन 1 अगस्त से बस में मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड साथ रखना और बस में चढ़ते समय उसे इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) पर टैप करना अनिवार्य होगा। यदि किसी महिला के पास यह कार्ड नहीं होगा, तो उसे सामान्य यात्रियों की तरह टिकट लेकर किराया देना होगा।
सरकार के अनुसार अब तक 15 लाख से अधिक पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जिन महिलाओं ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, वे 1 अगस्त के बाद भी अधिकृत केंद्रों पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। फिलहाल इस कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं को डीसी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय या अधिकृत डीटीसी केंद्र पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के माध्यम से पहचान और दिल्ली में निवास का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद कार्ड जारी किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने बताया कि पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड केवल डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए मान्य होगा। हालांकि, वन नेशन, वन कार्ड (NCMC) प्रणाली के तहत इसी कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) में भी किया जा सकेगा, लेकिन इन सेवाओं में सामान्य किराया देना होगा।
नई व्यवस्था में हर यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे टिकट वितरण में पारदर्शिता आएगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक सीमित रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक आधुनिक तथा जवाबदेह बनेगी।
_edited.jpg)



टिप्पणियां