गांधी बाजार अतिक्रमण: हाईकोर्ट सख्त, 27 जुलाई तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट
- धन्नाराम चौधरी

- 10 जुल॰
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गांधी बाजार में अतिक्रमण, पैदल मार्ग और रंग-कोडित सीमांकन कार्य की तस्वीर
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 10 जुलाई, 2026 गांधी बाजार अतिक्रमण मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) जोन-2 के मुख्य अभियंता को 27 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को स्वयं अथवा ऑनलाइन उपस्थित होकर देरी का कारण बताना होगा। यह फैसला गांधी बाजार में अतिक्रमण हटाने और पैदल यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यायमूर्ति बी.एम. श्याम प्रसाद ने एल. गुंडू राव द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि 21 फरवरी को दिए गए न्यायालय के आदेश का अब तक पूर्ण पालन नहीं किया गया है। अदालत ने मौखिक आदेश में कहा कि अगली सुनवाई तक हर हाल में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जी.आर. मोहन ने पक्ष रखा। मामले में दूसरे प्रतिवादी बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन के आयुक्त तथा तीसरे प्रतिवादी जीबीए जोन-2 के मुख्य अभियंता हैं।
जानकारी के अनुसार, न्यायालय के मौखिक आदेश की प्रति मुख्य अभियंता को पहले ही सौंप दी गई थी, लेकिन अब तक गांधी बाजार का निरीक्षण नहीं किया गया। इस पर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है।
बसवनगुडी हेरिटेज रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव गुरुप्रसाद आर.के. ने कहा कि केवल विक्रेताओं के लिए स्थान तय करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी विक्रेता निर्धारित क्षेत्रों में ही अपना व्यवसाय करें ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके।
इस बीच, बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा विक्रेताओं, पैदल यात्रियों और दुकानों के सामने के हिस्सों का रंग-कोडित सीमांकन शुरू किए जाने का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। नागरिकों का मानना है कि यदि न्यायालय के निर्देशों का समय पर पालन हुआ तो गांधी बाजार में यातायात और पैदल आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
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