बर्तन धोने वाली महिला से क्रिकेटर अशोक डिंडा तक: शुभेंदु सरकार के मंत्रिमंडल में दिखा ‘नया बंगाल’, हर वर्ग को मिला प्रतिनिधित्व
- धन्ना राम चौधरी

- 1 जून
- 4 मिनट पठन
कैबिनेट विस्तार में भाजपा ने सामाजिक संतुलन पर लगाया दांव; पूर्व नौकरानी, युवा वकील, पूर्व क्रिकेटर और पत्रकार बने मंत्री

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
कोलकाता, 1 जून 2026। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। राज्य में पहली बार सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करते हुए सामाजिक समावेश और क्षेत्रीय संतुलन का स्पष्ट संदेश दिया। इस विस्तार में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा, घरों में बर्तन धोने और नौकरानी का काम कर चुकीं कलीता माझी, युवा अधिवक्ता बिराज बिस्वास और पत्रकारिता जगत से राजनीति में आए नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह देकर भाजपा ने आम जनता के बीच एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
करीब तीन सप्ताह पहले सरकार गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य में मंत्रियों की संख्या 6 से बढ़कर 41 हो गई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों के आधार पर अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं, ऐसे में अभी भी तीन पद रिक्त हैं।
कैबिनेट विस्तार में हर वर्ग को मिला प्रतिनिधित्व
मंत्रिमंडल विस्तार में 13 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया। भाजपा ने इस विस्तार में सामाजिक, भौगोलिक और राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है।
कैबिनेट मंत्री के रूप में तपस रॉय, दीपक बर्मन, शंकर घोष, अर्जुन सिंह, मनोज उरांव, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, अनूप कुमार दास, अजय कुमार पोद्दार, शरदवत मुखोपाध्याय और दूध कुमार मंडल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में मालती राभा रॉय, इंद्रनील खान और राजेश मेहता को शपथ दिलाई गई।
कलीता माझी की कहानी बनी प्रेरणा
मंत्रिमंडल में शामिल सबसे चर्चित नाम कलीता माझी का है। पूर्वी बर्दवान जिले के औशग्राम क्षेत्र से विधायक बनीं कलीता माझी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। राजनीति में आने से पहले वह घरों में नौकरानी और बर्तन धोने का काम करती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें कम आय में परिवार चलाना पड़ता था।
उनकी नियुक्ति को भाजपा सामाजिक बदलाव और जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान के रूप में प्रस्तुत कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कलीता माझी की कहानी आम लोगों को राजनीति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती है।
युवा वकील बिराज बिस्वास को भी मिला मौका
उत्तर दिनाजपुर जिले के करांडीघी से विधायक बिराज बिस्वास को भी मंत्री बनाया गया है। मात्र 30 वर्ष की आयु में मंत्री बने बिराज राज्य के सबसे युवा नेताओं में गिने जाते हैं। वे पेशे से अधिवक्ता हैं और कलकत्ता हाई कोर्ट में वकालत करते रहे हैं।
छात्र राजनीति से अपनी पहचान बनाने वाले बिराज बिस्वास पहले एबीवीपी के राज्य सचिव और अखिल भारतीय सचिव रह चुके हैं। उन्होंने चुनाव में अनुभवी नेता गौतम पाल को पराजित कर सुर्खियां बटोरी थीं।
क्रिकेट मैदान से मंत्रालय तक पहुंचे अशोक डिंडा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को भी राज्य मंत्री बनाया गया है। तेज गेंदबाज के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके डिंडा मोयना विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।
खेल जगत से राजनीति तक का उनका सफर भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक निवेश माना जा रहा है। मंत्री बनने के बाद डिंडा ने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भरोसा जताया।
पत्रकारिता से राजनीति तक पहुंचे चेहरे
कैबिनेट विस्तार में पत्रकारिता पृष्ठभूमि से आने वाले स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। इससे सरकार में नीति निर्माण के स्तर पर विविध अनुभवों का समावेश देखने को मिलेगा।
महिलाओं को मिला मजबूत प्रतिनिधित्व
भाजपा सरकार ने महिला प्रतिनिधित्व पर भी विशेष ध्यान दिया है। कलीता माझी, मौमिता बिस्वास मिश्रा, सुमना सरकार, गार्गी दास घोष और पूर्णिमा चक्रवर्ती को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इससे पहले अग्निमित्रा पॉल को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
उत्तरी बंगाल पर विशेष फोकस
कैबिनेट विस्तार में उत्तरी बंगाल का प्रतिनिधित्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। शंकर घोष, विशाल लामा, जुएल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, दीपक बर्मन और मालती राभा रॉय सहित कई नेताओं को मंत्री बनाकर भाजपा ने इस क्षेत्र को राजनीतिक रूप से मजबूत संदेश दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी वर्षों में उत्तरी बंगाल भाजपा की रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा।
फैक्ट बॉक्स
- मुख्यमंत्री: शुभेंदु अधिकारी
- कुल मंत्री: 41
- कैबिनेट मंत्री: 13
- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): 3
- राज्य मंत्री: 19
- रिक्त मंत्री पद: 3
- प्रमुख नए चेहरे: कलीता माझी, अशोक डिंडा, बिराज बिस्वास
आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? (FAQ)
प्रश्न 1: पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में कुल कितने मंत्री हैं?
उत्तर: कैबिनेट विस्तार के बाद कुल मंत्रियों की संख्या 41 हो गई है।
प्रश्न 2: कलीता माझी क्यों चर्चा में हैं?
उत्तर: राजनीति में आने से पहले वे घरों में नौकरानी और बर्तन धोने का काम करती थीं।
प्रश्न 3: क्या अशोक डिंडा मंत्री बने हैं?
उत्तर: हां, पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को राज्य मंत्री बनाया गया है।
प्रश्न 4: सबसे युवा मंत्री कौन हैं?
उत्तर: 30 वर्षीय विधायक और अधिवक्ता बिराज बिस्वास को युवा चेहरों में प्रमुख माना जा रहा है।
प्रश्न 5: क्या महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला?
उत्तर: हां, कई महिला विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार ने यह संकेत दिया है कि पार्टी सामाजिक समावेश, क्षेत्रीय संतुलन और नए चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। पूर्व नौकरानी से मंत्री बनी कलीता माझी और क्रिकेटर अशोक डिंडा जैसे नाम इस विस्तार को विशेष बनाते हैं।
अब आपकी बारी!
इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार।
सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें।
Support करें – Like | Share | Follow ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।
ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।
_edited.jpg)



टिप्पणियां