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VIDHRUTHI–YES WE CAN! सम्मेलन ने गढ़े भविष्य के CA, 1800 विद्यार्थियों ने रचा इतिहास

  • Writer: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 5 hours ago
  • 3 min read

आईसीएआई के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में ज्ञान, नेतृत्व, नवाचार और करियर मार्गदर्शन का मिला अनूठा संगम

Officials on a stage light a flower-decorated ceremonial lamp while others applaud during a formal event.

VIDHRUTHI – YES WE CAN! राष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित आईसीएआई पदाधिकारी, अतिथि एवं देशभर से आए सीए विद्यार्थी।

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु (कर्नाटक) | 21 जुलाई 2026 VIDHRUTHI – YES WE CAN! राष्ट्रीय सम्मेलन ने देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंसी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, नेतृत्व और व्यावसायिक उत्कृष्टता का नया अध्याय लिख दिया। आईसीएआई बोर्ड ऑफ स्टडीज़ (अकादमिक) द्वारा आयोजित तथा आईसीएआई बेंगलुरु शाखा (एसआईआरसी) एवं सिकासा बेंगलुरु के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य समापन हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 1,800 से अधिक सीए विद्यार्थियों ने भाग लेकर ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व, नेटवर्किंग और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।

सम्मेलन का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं था, बल्कि भावी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बदलते वैश्विक वित्तीय परिवेश के अनुरूप नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों, तकनीकी दक्षता और नवाचार के लिए तैयार करना भी था। यही कारण रहा कि सम्मेलन में आयोजित प्रत्येक सत्र विद्यार्थियों के लिए सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर बन गया।


उद्घाटन समारोह में कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट न्यायमूर्ति विभु बाखरू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी पेशे की वास्तविक पहचान उसकी ईमानदारी, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से होती है। उन्होंने युवा सीए विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया।


इस अवसर पर सीए राजेश शर्मा, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ स्टडीज़ (अकादमिक), सीए के. रघु, आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष एवं अपीलीय प्राधिकरण (सीए, सीएस एवं सीएमए), सीए मधुकर एन. हिरेगंगे, सम्मेलन निदेशक, सीए कविता परमेश, अध्यक्ष, आईसीएआई बेंगलुरु शाखा, सीए प्रमोद आर. हेगड़े, सीए पम्पन्ना, सीए विनोद गर्ग, अध्यक्ष, सिकासा बेंगलुरु तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


दो दिनों तक चले सम्मेलन में तकनीकी सत्र, नेतृत्व विकास व्याख्यान, करियर काउंसिलिंग, कौशल विकास कार्यशालाएँ, इंटरैक्टिव चर्चाएँ और उद्योग विशेषज्ञों के विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल फाइनेंस, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, टैक्सेशन, उद्यमिता, प्रोफेशनल एथिक्स और भविष्य की चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।


सम्मेलन का सबसे आकर्षक आयोजन राष्ट्रीय छात्र शोध-पत्र प्रस्तुति (National Student Paper Presentation) रहा। देशभर से आए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने समसामयिक आर्थिक एवं व्यावसायिक विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने उनके विश्लेषण, शोध क्षमता और व्यावहारिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के प्रोफेशनल लीडर्स बताया।


सीए राजेश शर्मा ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और नई तकनीकों को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि जो विद्यार्थी बदलते समय के साथ स्वयं को विकसित करते हैं, वही भविष्य के सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट बनते हैं।


सीए के. रघु ने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन बनाए रखने और पेशे की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।


सीए विनोद गर्ग ने सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि "VIDHRUTHI – YES WE CAN!" केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि एक प्रेरक आंदोलन है, जो प्रत्येक सीए विद्यार्थी को अपनी क्षमता पहचानने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।


सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों को देशभर के प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ संवाद और नेटवर्किंग का अवसर भी मिला। साथ ही आयोजित सांस्कृतिक संध्या में संगीत, नृत्य और रचनात्मक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया।


समापन अवसर पर आयोजकों ने यह संकल्प दोहराया कि आईसीएआई भविष्य के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विश्वस्तरीय शिक्षा, नैतिक मूल्यों और आधुनिक कौशल से सशक्त बनाने के लिए निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। सम्मेलन का समापन "विकसित भारत 2047" के निर्माण में चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की सक्रिय भूमिका के संकल्प के साथ हुआ।

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