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प्लास्टिक पर बड़ा प्रहार! सीतामढ़ी में बनेगा 12 करोड़ का MRF सेंटर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Jun 7
  • 3 min read

खैरवा में स्थापित होगी अत्याधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, हर साल हजारों टन प्लास्टिक कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारण


सीतामढ़ी के खैरवा क्षेत्र में प्रस्तावित 12 करोड़ रुपये की मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी परियोजना का प्रतीकात्मक दृश्य।
सीतामढ़ी के खैरवा क्षेत्र में प्रस्तावित 12 करोड़ रुपये की मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी परियोजना का प्रतीकात्मक दृश्य।

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

डेटलाइन | 07 जून 2026| सीतामढ़ी। बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण और कचरा प्रबंधन की चुनौती से निपटने के लिए सीतामढ़ी नगर निगम ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर के खैरवा क्षेत्र में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके पूरा होने के बाद प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और रिसाइक्लिंग को नई गति मिलेगी।

नगर निगम के अनुसार शहर से प्रतिदिन लगभग 66 टन कचरा निकलता है, जिसमें करीब 40 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक और अन्य सूखे कचरे का होता है। इस हिसाब से शहर में हर वर्ष लगभग 24 हजार टन से अधिक कचरा उत्पन्न हो रहा है, जिसमें करीब 9,600 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है। अब तक इसके स्थायी और वैज्ञानिक निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही थीं।

खैरवा में बनने वाला एमआरएफ सेंटर इस समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है। यहां प्लास्टिक और अन्य पुनर्चक्रण योग्य कचरे को अलग-अलग किया जाएगा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसका पुनर्चक्रण किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल कचरे की मात्रा कम होगी बल्कि पुनर्चक्रण से उपयोगी उत्पादों का निर्माण भी संभव हो सकेगा।

नगर निगम पहले से ही सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चला रहा है। प्रतिबंध के बावजूद कई स्थानों पर प्लास्टिक का उपयोग जारी है, जिसे रोकने के लिए प्रत्येक माह विशेष छापेमारी अभियान संचालित किया जा रहा है। निगम के अनुसार अब तक 35 लोगों पर 80 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है और 150 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक कचरा मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बन रहा है। प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण यानी माइक्रोप्लास्टिक खेती की जमीन को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि खुले में जलाए जाने पर निकलने वाली जहरीली गैसें मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।

नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि एमआरएफ सेंटर के निर्माण से शहर में निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। वहीं नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस परियोजना को स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सीतामढ़ी का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Fact Box

- परियोजना: मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर

- स्थान: खैरवा, सीतामढ़ी

- अनुमानित लागत: ₹12 करोड़

- प्रतिदिन कचरा उत्पादन: 66 टन

- प्लास्टिक कचरा हिस्सा: लगभग 40%

- वार्षिक प्लास्टिक कचरा: 9,636 टन

- जब्त सिंगल यूज प्लास्टिक: 150 किलोग्राम से अधिक

- वसूला गया जुर्माना: ₹80,000 से अधिक

FAQ Section

Q1. एमआरएफ सेंटर क्या होता है?

उत्तर: मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर ऐसा केंद्र होता है जहां कचरे को अलग करके पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को प्रोसेस किया जाता है।

Q2. सीतामढ़ी में यह सेंटर कहां बनेगा?

उत्तर: यह सेंटर खैरवा क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।

Q3. परियोजना की लागत कितनी है?

उत्तर: इस परियोजना पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

Q4. शहर में प्रतिदिन कितना कचरा निकलता है?

उत्तर: प्रतिदिन लगभग 66 टन कचरा निकलता है।

Q5. इस परियोजना से क्या लाभ होगा?

उत्तर: प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, रिसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष: सीतामढ़ी में प्रस्तावित 12 करोड़ रुपये का एमआरएफ सेंटर केवल एक परियोजना नहीं बल्कि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे प्लास्टिक कचरे की समस्या को कम करने, रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान मिलने की उम्मीद है।

News Source: नगर निगम सीतामढ़ी, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के बयान एवं विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स।

आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं?

  • क्या आपके शहर में भी प्लास्टिक कचरे की समस्या बढ़ रही है?

  • क्या ऐसे एमआरएफ सेंटर देश के अन्य शहरों में भी स्थापित किए जाने चाहिए?

अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

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