पटना एम्स छेड़छाड़ मामला: महिला कर्मी और नाबालिग बेटी से दुष्कर्म जैसी हरकतों के आरोप में प्रशासनिक अधिकारी गिरफ्तार
- धन्ना राम चौधरी

- 6 जून
- 4 मिनट पठन
दो वर्षों तक कथित उत्पीड़न का आरोप, आंतरिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भारतार्थ खबर, संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
पटना | 06 जून 2026| पटना एम्स छेड़छाड़ मामला: अस्पताल परिसर से सामने आया शर्मनाक आरोप, आरोपी प्रशासनिक अधिकारी गिरफ्तार
बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शामिल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में कार्यरत एक कनीय प्रशासनिक अधिकारी (आउटसोर्स) को महिला कर्मचारी और उनकी नाबालिग बेटी के साथ कथित छेड़छाड़ एवं अशोभनीय व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आंतरिक जांच समिति द्वारा आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की।
फुलवारीशरीफ थाना पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार सिंह को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले ने न केवल अस्पताल प्रशासन बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मुद्दे को लेकर भी यह घटना गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
शिकायत से गिरफ्तारी तक: कैसे खुला पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला ने फरवरी 2026 में एम्स प्रशासन को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि करीब दो वर्ष पहले अस्पताल में एक सर्जरी के दौरान उनकी पहचान आरोपी अधिकारी से हुई थी। शुरुआती परिचय के बाद आरोपी ने विश्वास हासिल कर महिला के साथ निकटता बढ़ाई।
महिला का आरोप है कि समय के साथ आरोपी का व्यवहार अनुचित होता गया और उसने कई बार अशोभनीय हरकतें कीं। विरोध करने और शिकायत की चेतावनी देने के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में आरोपी कथित रूप से महिला और उनकी नाबालिग बेटी दोनों के प्रति अनुचित व्यवहार करने लगा।
पीड़िता के अनुसार सामाजिक प्रतिष्ठा और लोक-लाज के कारण वह लंबे समय तक खुलकर शिकायत नहीं कर सकीं, जिसका आरोपी ने कथित रूप से फायदा उठाया।
एम्स प्रशासन ने गठित की उच्चस्तरीय जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन ने छह सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया। समिति ने शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों के बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की।
जांच के दौरान मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की गई। समिति ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को विश्वसनीय पाया।
इसके बाद एम्स के वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी राजकुमार जालान की ओर से जांच रिपोर्ट संलग्न करते हुए फुलवारीशरीफ थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस कार्रवाई के बाद अस्पताल में हड़कंप
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है।
घटना के सामने आने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों, चिकित्सकों और अन्य स्टाफ में चिंता का माहौल है। कई लोगों ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
पीड़ित महिला ने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की है। वहीं पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत, संस्थागत जांच और निष्पक्ष कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Fact Box
मामला: पटना एम्स छेड़छाड़ प्रकरण
स्थान: एम्स पटना, बिहार
आरोपी: कनीय प्रशासनिक अधिकारी (आउटसोर्स)
आरोप: महिला कर्मचारी और नाबालिग बेटी के साथ कथित छेड़छाड़
शिकायत तिथि: 21 फरवरी 2026
कार्रवाई: आंतरिक जांच के बाद गिरफ्तारी
जांच एजेंसी: फुलवारीशरीफ थाना पुलिस
आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? FAQ
Q1. आरोपी कौन है?
उत्तर: आरोपी एम्स पटना में कार्यरत एक कनीय प्रशासनिक अधिकारी (आउटसोर्स) बताया गया है।
Q2. शिकायत किसने दर्ज कराई?
उत्तर: एम्स की एक महिला कर्मचारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
Q3. क्या मामले की जांच हुई थी?
उत्तर: हां, एम्स प्रशासन ने छह सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
उत्तर: जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
निष्कर्ष: पटना एम्स छेड़छाड़ मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि संस्थागत जवाबदेही, महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण की आवश्यकता की भी याद दिलाता है। जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे क्या निष्कर्ष निकालती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
News Source: फुलवारीशरीफ थाना पुलिस, एम्स पटना प्रशासन, शिकायत संबंधी आधिकारिक दस्तावेज, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स
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