SCO मंच पर मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात
- धन्नाराम चौधरी

- 3 दिन पहले
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भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बिश्केक (किर्गिस्तान), 1 सितंबर 2026। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं की संक्षिप्त बातचीत और अभिवादन के दृश्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया तथा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने रहे।
एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का आधिकारिक समूह फोटो सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति शी जिनपिंग, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित कई देशों के नेता एक ही मंच पर मौजूद रहे।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने समूह फोटो से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संक्षिप्त मुलाकात की और बातचीत की। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच इस अवसर पर किसी औपचारिक बातचीत या हाथ मिलाने की सूचना सामने नहीं आई।
25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हुआ शिखर सम्मेलन
बिश्केक में आयोजित यह एससीओ सम्मेलन संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष महत्व रखता है। सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशियाई देशों सहित सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया।
भारत वर्ष 2017 से शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य है। संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, संपर्क व्यवस्था, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय समन्वय जैसे मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच संवाद का मंच प्रदान करता है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष और शांति पर भारत का रुख
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुई बातचीत में भारत-रूस संबंधों के साथ विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व पर भारत का रुख दोहराया।
भारत लगातार यह कहता रहा है कि किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण माध्यमों से ही संभव है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर रही नजर
एससीओ सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी के कारण भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर रही। हालांकि समूह फोटो और सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच किसी औपचारिक द्विपक्षीय मुलाकात की घोषणा नहीं की गई।
सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के संबंध में विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर किसी घटना के राजनीतिक अर्थ निकालने से पहले आधिकारिक जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों को महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैश्विक मंच पर भारत की सक्रिय कूटनीति
एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी को भारत की बहुपक्षीय कूटनीति के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन में सुरक्षा, आतंकवाद, क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक सहयोग और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर चर्चा केंद्र में रहे।
बिश्केक में एक ही मंच पर भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने सम्मेलन को विशेष अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान किया।
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