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PM मोदी की सचिवों को दो टूक, ‘साइलो’ तोड़कर साथ काम करें विभाग

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 22 अग॰
  • 2 मिनट पठन
धुंधले मंच के सामने सफेद दाढ़ी वाले नरेंद्र मोदी गंभीर भाव से कैमरे की ओर देख रहे हैं।

भारतार्थ खबर। Bhaarataarth.com

नई दिल्ली | 21 अगस्त 2026। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक कर सरकारी कामकाज में बेहतर तालमेल और दीर्घकालिक सोच पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने विभागों के बीच कामकाज में बनी रहने वाली ‘साइलो’ मानसिकता को खत्म करने की जरूरत बताई और कहा कि सरकार के सभी विभागों को एक टीम की तरह मिलकर काम करना होगा।


‘साइलो’ खत्म कर बढ़ाना होगा समन्वय


प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी हो या राष्ट्रीय सुरक्षा—हर क्षेत्र में भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी होंगी। अलग-अलग विभागों में तालमेल की कमी विकास की गति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।


कोरोना काल का उदाहरण देकर समझाया


बैठक में प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार के कामकाज का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में विभिन्न मंत्रालयों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था। इसी तरह का समन्वित कार्य-तंत्र सामान्य परिस्थितियों में भी अपनाया जाना चाहिए।


उन्होंने अधिकारियों से जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे से विचार-विमर्श करने और किसी भी तरह की विभागीय दूरी को काम के रास्ते में बाधा नहीं बनने देने की अपील की।


AI और डेटा पर बढ़े फोकस की जरूरत


प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी निगरानी और कामकाज में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही नवाचार को प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने की जरूरत है।


उन्होंने डेटा को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए कहा कि भविष्य में डेटा एक महत्वपूर्ण संसाधन बन सकता है। इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए भी विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।


मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट यूनिट में बेहतर संपर्क


प्रधानमंत्री ने विनिर्माण इकाइयों और निर्यात केंद्रित इकाइयों के बीच बेहतर संपर्क की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालय एक ही सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए अलग-अलग दृष्टिकोण के बजाय साझा और समन्वित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।


उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों और कनिष्ठ कर्मचारियों के साथ केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित न रहने की सलाह दी। बेहतर व्यक्तिगत संवाद और मजबूत नेटवर्क से कामकाज में सहयोग बढ़ाया जा सकता है।


पोर्ट डेवलपमेंट से पोर्ट-लेड डेवलपमेंट की ओर


प्रधानमंत्री ने भारत में बंदरगाह विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर जोर दिया। उन्होंने समुद्री बुनियादी ढांचे की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए विनिर्माण और निर्यात केंद्रित इकाइयों के बीच मजबूत संपर्क विकसित करने की जरूरत बताई।


बैठक में सचिवों ने सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं और उनके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार भी साझा किए। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि तेज और टिकाऊ विकास के लिए विभागों के बीच दीवारें नहीं, बल्कि मजबूत समन्वय और साझा जिम्मेदारी जरूरी है।

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