KPSC भर्ती विवाद: BJP ने CBI जांच की मांग तेज की
- धन्नाराम चौधरी

- 27 जुल॰
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वेटेरिनरी ऑफिसर भर्ती में रिश्वत के आरोपों पर स्वतंत्र जांच की मांग, युवाओं के भरोसे का मुद्दा बना केंद्र

KPSC कार्यालय में ज्ञापन सौंपते भाजपा प्रतिनिधिमंडल के नेता।
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 27 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। KPSC भर्ती घोटाला एक बार फिर कर्नाटक की राजनीति और भर्ती प्रक्रिया के केंद्र में आ गया है। वेटेरिनरी ऑफिसर भर्ती में कथित तौर पर ₹80 लाख तक की रिश्वत लेने के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मामले की CBI जांच अथवा कर्नाटक हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह केवल एक भर्ती प्रक्रिया का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य, विश्वास और मेहनत से जुड़ा गंभीर विषय है।
भाजपा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि KPSC पर लगे गंभीर आरोपों की जांच स्वयं KPSC द्वारा कराना निष्पक्षता के सिद्धांतों के विपरीत है। पार्टी का तर्क है कि यदि आयोग स्वयं अपने खिलाफ लगे आरोपों की जांच करेगा तो इससे न तो पूरी सच्चाई सामने आएगी और न ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का विश्वास बहाल हो सकेगा।
इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी तथा वरिष्ठ विधायक एस. सुरेश कुमार ने KPSC सचिव से मुलाकात कर अपना ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि आयोग द्वारा प्रस्तावित आंतरिक जांच को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और पूरे मामले को CBI अथवा उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र न्यायिक जांच समिति को सौंपा जाए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाखों युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। यदि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, तो केवल चयन प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच ही जनता तथा अभ्यर्थियों का विश्वास पुनः स्थापित कर सकती है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था और सुशासन के लिए आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि आरोप निराधार हैं तो स्वतंत्र जांच से आयोग की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
चलवाड़ी नारायणस्वामी और एस. सुरेश कुमार ने कहा कि भाजपा नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के अधिकारों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे।
हालांकि, इस मामले में संबंधित एजेंसियों की जांच प्रक्रिया और आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार किया जाना अभी बाकी है। आरोपों की पुष्टि या अंतिम निर्णय संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
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