₹6 हजार की नौकरी, करोड़ों का साम्राज्य! इंजीनियर के लॉकर से निकले नोटों के पहाड़
- धन्ना राम चौधरी

- 7 जून
- 3 मिनट पठन
विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: सहायक कार्यपालक अभियंता के 9 ठिकानों पर छापा, बैंक लॉकरों से करोड़ों रुपये नकद मिलने का दावा

भारतार्थ खबर, संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
भुवनेश्वर (ओडिशा), 07 जून 2026| ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के एक बड़े मामले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। आदिवासी विकास एजेंसी (ITDA) बलिगुड़ा के सहायक कार्यपालक अभियंता बैकुंठनाथ बेहरा के खिलाफ विजिलेंस विभाग की कार्रवाई में करोड़ों रुपये की संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। शुरुआती जांच में बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई आलीशान इमारतें, भूखंड और निवेश भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
विजिलेंस विभाग ने भुवनेश्वर, जाजपुर, बालासोर और कंधमाल जिले सहित कुल 9 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई विशेष सतर्कता न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर की गई। छापेमारी के दौरान इंजीनियर के निजी आवास, कार्यालय, सरकारी आवास और परिवार से जुड़े कई ठिकानों की जांच की गई।
6 हजार की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति तक
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार बैकुंठनाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन लगभग 6 हजार रुपये था। हाल ही में उन्हें सहायक कार्यपालक अभियंता पद पर पदोन्नत किया गया था।
लेकिन विजिलेंस जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया। जांच के दौरान पांच बहुमंजिला इमारतों और 13 भूखंडों की पहचान की गई है। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार स्थित एक आलीशान चार मंजिला भवन भी शामिल है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 10,500 वर्ग फुट बताया जा रहा है।
बैंक लॉकर में मिला नकदी का जखीरा
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों की तलाशी ली गई। अधिकारियों का दावा है कि लॉकरों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा घरों की तलाशी के दौरान लाखों रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।
विजिलेंस टीम अब सोने-चांदी के आभूषणों, बैंक खातों, निवेश योजनाओं, डाक बचत योजनाओं और अन्य वित्तीय संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। तकनीकी विशेषज्ञ जमीन और भवनों के वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन भी कर रहे हैं।
आय और संपत्ति का होगा मिलान
अधिकारियों के अनुसार अब इंजीनियर और उनके परिवार की घोषित आय की तुलना बरामद संपत्तियों से की जाएगी। यदि संपत्ति वैध आय के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला वर्ष 2026 में ओडिशा की सबसे बड़ी आय से अधिक संपत्ति जांचों में से एक बन सकता है। विजिलेंस विभाग ने कहा है कि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कुल संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा।
FAQ
प्रश्न 1: बैकुंठनाथ बेहरा कौन हैं?
वे ITDA बलिगुड़ा में सहायक कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
प्रश्न 2: छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद और कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
प्रश्न 3: कितने स्थानों पर छापेमारी हुई?
विजिलेंस विभाग ने 9 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
प्रश्न 4: क्या मामला आय से अधिक संपत्ति का है?
हाँ, जांच ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के आधार पर की जा रही है।
प्रश्न 5: आगे क्या होगा?
विजिलेंस विभाग आय और संपत्ति का मिलान कर कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
निष्कर्ष: ओडिशा में सामने आया यह मामला एक बार फिर सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। विजिलेंस विभाग की कार्रवाई में सामने आए तथ्यों ने लोगों को हैरान कर दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।
News Source: ओडिशा विजिलेंस विभाग, विशेष सतर्कता न्यायालय अभिलेख, मीडिया रिपोर्ट्स, आधिकारिक जांच दस्तावेज
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