83वीं पुण्यतिथि पर महाअभियान: 'एक पेड़ श्री राजेश्वर भगवान के नाम' से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
- धन्नाराम चौधरी

- 6 अग॰
- 2 मिनट पठन

गादीपति महंत श्री 108 दयाराम जी महाराज का आह्वान—11 अगस्त को देशभर में वृक्षारोपण कर प्रकृति, गुरुवाणी और सनातन संस्कृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करें
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिकारपुरा (राजस्थान) | 6 अगस्त, 2026 एक पेड़ श्री राजेश्वर भगवान के नाम' महाअभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का एक प्रेरक संदेश देने की तैयारी शुरू हो गई है। पावन तीर्थ धाम शिकारपुरा के वर्तमान गादीपति महंत श्री श्री 108 श्री दयाराम जी महाराज ने आगामी 11 अगस्त 2026 को पूज्य गुरु महाराज श्री श्री 1008 श्री राजाराम जी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देशव्यापी वृक्षारोपण जन महाअभियान में अधिकाधिक लोगों से भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, गुरुवाणी के संदेश और सामाजिक उत्तरदायित्व को जन-जन तक पहुँचाना है।
महंत श्री दयाराम जी महाराज ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि मानव जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण के बीच प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले।
उन्होंने सभी गुरु भक्तों, पर्यावरण प्रेमियों और सनातन धर्मावलंबियों से अपील की कि वे अपने घर, गांव, शहर, तहसील, जिला तथा शिकारपुरा आश्रम सहित जहाँ भी संभव हो, "एक पेड़ श्री राजेश्वर भगवान के नाम" लगाकर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें।
महाअभियान में समाज के विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है। इनमें अखिल भारतीय आंजना समाज महासभा, अखिल भारतीय आंजना युवा महासंगठन, संत श्री राजाराम जी युवा जागृति मंच, शिकारपुरा (राजस्थान) सहित देश-विदेश में कार्यरत विभिन्न सामाजिक एवं क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं।
महंत श्री ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन, स्वच्छ वायु और हरित भविष्य प्रदान करते हैं। गुरुवाणी का मूल संदेश भी प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, सेवा और मानवता का है। यदि प्रत्येक परिवार इस अभियान के अंतर्गत एक पौधा लगाए, तो यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर हरित क्रांति का स्वरूप ले सकता है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रकृति प्रेम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव वृक्षों, नदियों और प्रकृति की पूजा करती रही है। वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है।
महंत श्री दयाराम जी महाराज ने समाज की मातृशक्ति, युवाशक्ति, सामाजिक संगठनों और प्रवासी कलबी समाज से विशेष आग्रह किया कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन बनाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें।
उन्होंने कहा कि जब समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और गुरुवाणी का संदेश एक साथ आगे बढ़ता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई ऊर्जा पैदा होती है। यही अभियान गुरु महाराज श्री राजाराम जी महाराज की पुण्य स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगा।
आयोजकों के अनुसार अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया जाएगा, ताकि यह प्रयास केवल औपचारिकता न रहकर स्थायी पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बन सके।
_edited.jpg)



टिप्पणियां