5000 हथियारों का जखीरा! नांदेड़ में 24 घंटे की सबसे बड़ी रेड, क्या किसी बड़े नेटवर्क की थी तैयारी?
- धन्ना राम चौधरी

- 8 मई
- 4 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
नांदेड़। 8 मई 2026 : महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे राज्य ही नहीं, बल्कि देशभर की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। नांदेड़ ग्रामीण पुलिस ने “ऑपरेशन क्रैकडाउन” के तहत 24 घंटे चली विशेष रेड में कुल 4,796 धारदार हथियार बरामद किए हैं। इनमें तलवारें, खंजर, गुप्तियां, कुकरी और अन्य घातक हथियार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह महाराष्ट्र के इतिहास में एक दिन में हुई सबसे बड़ी हथियार बरामदगी मानी जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आखिर इतने बड़े पैमाने पर हथियार किस मकसद से जमा किए गए थे? क्या यह केवल अवैध व्यापार था या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था? फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी और खुफिया स्तर पर पड़ताल जारी है।
आधी रात को शुरू हुई कार्रवाई, खुलते गए बड़े राज
जानकारी के मुताबिक नांदेड़ ग्रामीण पुलिस को इलाके में अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर ओमकांत चिंचोलकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार रात करीब 11:15 बजे बलीरामपुर इलाके में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक अभिजीत गिरिधर सातपुते को पकड़ा, जिसके पास से तलवार और खंजर बरामद किए गए।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने ऐसे खुलासे किए, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वजीराबाद स्थित गुरु रामदास नगर में छापेमारी की। वहां एक आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस को भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा मिला।
तलवारों से भरा गोदाम देख दंग रह गई पुलिस
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जब्त हथियारों में 315 बड़ी तलवारें, 135 मध्यम आकार की तलवारें, सैकड़ों खंजर, खंडे, गुप्तियां और कुकरी शामिल हैं। बरामद हथियारों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 43.48 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि जब्त किए गए अधिकांश हथियार ऐसे थे, जिनका इस्तेमाल केवल हिंसक या आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक, सजावटी या पारंपरिक उपयोग के नाम पर अवैध हथियारों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या किसी बड़ी साजिश की थी तैयारी?
फिलहाल पुलिस ने इस मामले को लेकर किसी धार्मिक या आतंकी एंगल की पुष्टि नहीं की है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जरूर कर दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन हथियारों की सप्लाई किन जिलों और राज्यों तक होनी थी।
मामले का मुख्य आरोपी जसविंत सिंह प्रकाश सिंह सुखमणि बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 4 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की विशेष टीमें उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
ऑनलाइन नेटवर्क भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल ऑफलाइन ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी सक्रिय हो सकता है। इसी कारण साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन हथियारों की बिक्री डिजिटल माध्यमों से तो नहीं की जा रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बरामदगी केवल स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि संगठित सप्लाई चेन की ओर इशारा करती है। यही वजह है कि अब राज्य स्तर की एजेंसियां भी इस केस की मॉनिटरिंग कर रही हैं।
लोगों के मन में उठ रहे बड़े सवाल
आखिर 5000 के करीब हथियार एक ही जगह कैसे जमा हुए?
क्या इसके पीछे कोई संगठित गैंग सक्रिय था?
इन हथियारों की सप्लाई किन राज्यों तक होनी थी?
क्या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध हथियार बेचे जा रहे थे?
क्या आने वाले समय में पुलिस और बड़े खुलासे कर सकती है?
FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. नांदेड़ में कितने हथियार बरामद हुए?
करीब 4,796 धारदार हथियार बरामद किए गए हैं।
Q2. पुलिस ने यह कार्रवाई कब की?
यह कार्रवाई बुधवार रात शुरू हुई और करीब 24 घंटे तक चली।
Q3. मुख्य आरोपी कौन है?
पुलिस के मुताबिक जसविंत सिंह प्रकाश सिंह सुखमणि इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी है, जो फिलहाल फरार है।
Q4. क्या मामले में धार्मिक एंगल की पुष्टि हुई है?
अब तक पुलिस ने किसी धार्मिक या आतंकी एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच जारी है।
Q5. बरामद हथियारों की कीमत कितनी बताई गई?
अवैध बाजार में इनकी अनुमानित कीमत करीब 43.48 लाख रुपये बताई गई है।
निष्कर्ष: नांदेड़ में हुई यह कार्रवाई केवल अवैध हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि यह संगठित अपराध नेटवर्क की संभावित जड़ों तक पहुंचने की बड़ी शुरुआत हो सकती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस सप्लाई चेन के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे संभव माने जा रहे हैं।
Source: नांदेड़ ग्रामीण पुलिस, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, स्थानीय पुलिस जांच रिपोर्ट।
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