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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


असम में सियासी संग्राम तेज, बयानबाज़ी चरम पर
गुवाहाटी/कछार। असम में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। नेताओं के तीखे बयान अब सीधे टकराव का रूप लेते दिखाई दे रहे हैं। कछार में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला और स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में “उनका ही शासन चलेगा” तथा कांग्रेस सरकार बनाने में सक्षम नहीं है।

धन्ना राम चौधरी
4 अप्रैल2 मिनट पठन


ऊपरी असम पर सियासी संग्राम तेज, पहचान की राजनीति के बीच बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
जोरहाट (असम)। असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है और विशेष रूप से ऊपरी असम क्षेत्र राजनीतिक दलों के लिए निर्णायक रणभूमि बनकर उभरा है। 40 से अधिक विधानसभा सीटों वाले इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों ही दल इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

धन्ना राम चौधरी
1 अप्रैल3 मिनट पठन


असम में चुनावी घमासान: सीएम हिमंत के ‘मियां’ बयान से सियासत गरम, कांग्रेस का पलटवार
गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी के “99 प्रतिशत हिंदू सदस्य” उसे छोड़ना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है, वहीं कांग्रेस ने इसे समाज को बांटने की कोशिश करार दिया है।

धन्ना राम चौधरी
28 मार्च3 मिनट पठन
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