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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • नायरा एनर्जी ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। संशोधित कीमतें शनिवार, 3 अक्टूबर की शुरुआती घंटों से कंपनी के देशभर के खुदरा ईंधन केंद्रों पर लागू हो गई हैं। नायरा एनर्जी देशभर में करीब 7,108 पेट्रोल पंप संचालित करती है। कीमतों में यह बदलाव उसके पूरे खुदरा नेटवर्क पर लागू हुआ है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों और अन्य शुल्कों के कारण ग्राहकों को मिलने वाली अंतिम खुदरा कीमत अलग हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी लागत का असर रिपोर्टों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी से ईंधन कारोबार की लागत पर दबाव बढ़ा है। इसी पृष्ठभूमि में नायरा एनर्जी ने घरेलू खुदरा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय लागत के बीच अंतर को कम करने के उद्देश्य से यह मूल्य संशोधन किया है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कच्चे तेल से जुड़े कारोबार पर पड़ता है। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बढ़ी लागत ने ईंधन खुदरा कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ाया है। सरकारी तेल कंपनियों के दाम फिलहाल स्थिर नायरा एनर्जी की इस बढ़ोतरी के बीच सरकारी स्वामित्व वाली प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के खुदरा दामों में इसी स्तर की वृद्धि फिलहाल सामने नहीं आई है। इससे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के ईंधन केंद्रों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर बढ़ सकता है। ऐसे में नायरा के पेट्रोल पंपों से ईंधन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए स्थानीय स्तर पर लागू कीमत की जानकारी लेना महत्वपूर्ण होगा। अलग-अलग कंपनियों के पंपों पर कीमतों में अंतर होने की स्थिति में उपभोक्ता अपने अनुसार ईंधन केंद्र का चयन कर सकते हैं। वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र पर असर पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का सीधा असर नायरा के नेटवर्क से ईंधन लेने वाले वाहन चालकों के खर्च पर पड़ेगा। नियमित रूप से वाहन चलाने वाले उपभोक्ताओं के मासिक ईंधन बजट में भी वृद्धि हो सकती है। डीजल का उपयोग माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए डीजल की कीमत में वृद्धि का असर केवल निजी वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत पर भी पड़ सकता है। इस साल दूसरी बड़ी बढ़ोतरी नायरा एनर्जी ने इस वर्ष इससे पहले भी ईंधन कीमतों में बदलाव किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च में कंपनी ने पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। बाद में जुलाई में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच कंपनी ने उस बढ़ोतरी को वापस लिया था। अब अक्टूबर में फिर कीमतों में वृद्धि की गई है। आगे वैश्विक तेल कीमतों पर रहेगी नजर ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की लागत से प्रभावित होती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में वैश्विक तेल बाजार की दिशा और घरेलू ईंधन बाजार पर उसका असर महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल नायरा एनर्जी के नेटवर्क पर पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों के खुदरा दामों में फिलहाल इसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है।

  • फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के भीतर हमला, सह-पायलट ने कप्तान पर क्रैश एक्स से किया वार

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com दुबई/तबुक, 3 अक्टूबर 2026। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को उस समय गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जब सह-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कप्तान पर कथित तौर पर हमला कर विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने का प्रयास किया। संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल-शम्सी ने शनिवार को कहा कि जांच में सह-पायलट द्वारा “आतंकवादी कृत्य” करने के प्रयास का खुलासा हुआ है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों, मकसद और संभावित संबंधों की जांच अभी जारी है। कॉकपिट में क्रैश एक्स से हमला UAE अभियोजक के अनुसार, उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद कप्तान पर विमान में आपात स्थिति के लिए रखे क्रैश एक्स से हमला किया और विमान के उड़ान नियंत्रण को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। घटना के दौरान चालक दल और यात्रियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और इसमें 174 यात्री सवार थे। घटना के बाद उड़ान को सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ा गया, जहां विमान की आपात लैंडिंग कराई गई। अतिरिक्त पायलटों की मदद से विमान को सुरक्षित उतारा गया। भारतीय कप्तान घायल, इलाज जारी हमले में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार घायल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान विमान की स्थिति कुछ समय के लिए बेहद गंभीर हो गई थी और विमान की ऊंचाई में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाद में विमान को नियंत्रित कर सुरक्षित रूप से ताबुक पहुंचाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, कप्तान ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट से बाहर मदद पहुंचने का रास्ता बनाया, जिसके बाद अन्य चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। इसके बाद अतिरिक्त पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारने में भूमिका निभाई। सह-पायलट हिरासत में रॉयटर्स और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध सह-पायलट की पहचान हम्माम अल-हम्मामी के रूप में हुई है और वह ओमान का नागरिक बताया गया है। हालांकि, उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। UAE की ओर से जारी बयान में जांच के दौरान घटना के सभी पहलुओं और संभावित संबंधों की पड़ताल की बात कही गई है। मकसद और संभावित संबंधों की जांच UAE के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि जांच का उद्देश्य घटना की पूरी परिस्थितियों, हमले के मकसद और किसी संभावित संपर्क या संबंध का पता लगाना है। इसके साथ ही तकनीकी परीक्षण तथा भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण भी किया जा रहा है। अंतिम निष्कर्ष जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित किए जाएंगे। इस घटना ने उड़ान के दौरान कॉकपिट सुरक्षा और चालक दल की पृष्ठभूमि जांच से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला दिया है। हालांकि, किसी संभावित सुरक्षा चूक या हमले के पीछे अंतिम कारण के बारे में निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

  • यूक्रेन युद्ध पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- मोदी के पास समाधान के अच्छे विचार

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति प्रयासों और संघर्ष के समाधान के लिए उनके विचारों का सार्वजनिक रूप से उल्लेख किया है। पुतिन ने कहा कि मोदी लगातार यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा उठाते हैं और उनके पास दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने के संबंध में “बहुत अच्छे विचार” हैं। वाल्दाई मंच से मोदी के प्रयासों का जिक्र पुतिन ने यह टिप्पणी वाल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब की वार्षिक बैठक में की। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंधों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की आवश्यकता का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, मोदी इस विषय में रुचि रखते हैं और संघर्ष का ऐसा समाधान तलाशने के विचार रखते हैं, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें। पुतिन ने मोदी की शांतिपूर्ण समाधान की इच्छा के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। भारत का जोर संवाद और कूटनीति पर भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न मौकों पर युद्ध समाप्त करने और शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की बात कही है। ताजा टिप्पणी से पहले भी मोदी और पुतिन के बीच यूक्रेन संघर्ष को लेकर बातचीत होती रही है। दोनों नेताओं की 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) बैठक के दौरान और सितंबर में नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। पुतिन के बयान का क्या अर्थ है? पुतिन की टिप्पणी को रूस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के संवाद और शांति प्रयासों के प्रति सार्वजनिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, यह बयान किसी नए युद्धविराम, शांति समझौते या औपचारिक वार्ता की घोषणा नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष का स्थायी समाधान दोनों पक्षों के बीच बातचीत, सुरक्षा संबंधी मुद्दों और व्यापक राजनीतिक सहमति पर निर्भर करेगा। इसलिए पुतिन के बयान को मौजूदा कूटनीतिक प्रयासों के संदर्भ में देखना अधिक उचित होगा। भारत की भूमिका पर बनी निगाहें यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए भारत की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रही है। भारत ने अपने रूस और पश्चिमी देशों सहित विभिन्न पक्षों के साथ संबंधों के आधार पर संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के समर्थन की बात कही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी 3 अक्टूबर को भारत-रूस संबंधों पर हुई संसदीय परामर्श बैठक में संघर्ष समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति के समर्थन को दोहराया। फिलहाल पुतिन की टिप्पणी से किसी तत्काल शांति समझौते का संकेत नहीं मिलता, लेकिन यह रूस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के लगातार संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों को लेकर व्यक्त की गई सार्वजनिक प्रतिक्रिया जरूर है।

  • 44 साल का इंतजार खत्म: चीन को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता एशियन गेम्स गोल्ड

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) काकामिगहारा, जापान | 2 अक्टूबर 2026 भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। भारत ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में मौजूदा चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 44 साल लंबे इंतजार को खत्म किया और एशियाई हॉकी के शिखर पर एक बार फिर अपना कब्जा जमाया। भारत के लिए मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में किया। उनके शानदार रिवर्स-स्टिक शॉट ने भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने लगातार बराबरी का गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए अपनी बढ़त कायम रखी। मुकाबले के दौरान चीन को पेनल्टी स्ट्रोक का मौका भी मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। भारतीय डिफेंस ने अंतिम क्षणों तक दबाव का सामना किया और चीन के लगातार हमलों को नाकाम करते हुए 1-0 की बढ़त को जीत में बदल दिया। 44 साल बाद फिर आया एशियन गेम्स का स्वर्ण भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले एशियन गेम्स में 1982 में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद टीम कई बार खिताब के करीब पहुंची, लेकिन स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सकी। 1998 और 2018 में भारतीय टीम को फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। 2026 में चीन के खिलाफ मिली जीत ने उस लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया। भारत ने दूसरी बार एशियन गेम्स महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता है। लालरेम्सियामी का यादगार प्रदर्शन फाइनल मुकाबला लालरेम्सियामी के लिए भी बेहद खास रहा। उन्होंने मैच के 10वें मिनट में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई। उनका यह प्रदर्शन उस समय आया जब टीम को शुरुआती दबाव के बीच निर्णायक मौके की जरूरत थी। भारत ने गोल करने के बाद अपनी रणनीति में रक्षात्मक मजबूती पर जोर दिया। चीन ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने गोल बचाने के लिए लगातार शानदार तालमेल दिखाया। सविता पूनिया बनीं मजबूत दीवार भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने इस ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चीन को मिले पेनल्टी स्ट्रोक के दौरान सविता ने बेहतरीन बचाव किया। उस समय यदि चीन गोल कर देता तो मुकाबले का रुख बदल सकता था, लेकिन सविता के शानदार बचाव ने भारत की बढ़त बरकरार रखी। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने भी पूरी मजबूती के साथ चीन के हमलों का सामना किया। मैच के अंतिम हिस्से में दबाव लगातार बढ़ता गया, लेकिन भारतीय टीम ने अपना संयम बनाए रखा और अंतिम सीटी बजने तक 1-0 की बढ़त सुरक्षित रखी। लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट भी पक्का एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का महत्व केवल महाद्वीपीय खिताब तक सीमित नहीं है। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया है। इससे भारतीय टीम को अब ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए अलग से संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। टीम के लिए यह जीत अगले ओलंपिक चक्र की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई है। भारतीय हॉकी के लिए ऐतिहासिक दिन चीन के खिलाफ 1-0 की यह जीत भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में लंबे समय तक याद की जाएगी। 44 साल बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक हासिल करने वाली भारतीय टीम ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव के बड़े मुकाबलों में अनुशासन, सामूहिक प्रयास और मजबूत रक्षा किस तरह परिणाम बदल सकते हैं। एक गोल की बढ़त को पूरे मुकाबले में बचाकर रखना आसान नहीं था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक संघर्ष जारी रखा। लालरेम्सियामी के निर्णायक गोल और सविता पूनिया के शानदार बचाव ने भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण तक पहुंचाया। भारत की इस जीत के साथ एशियन गेम्स 2026 में महिला हॉकी का स्वर्ण एक बार फिर भारतीय खाते में आया और लॉस एंजिल्स 2028 के लिए ओलंपिक अभियान की राह भी साफ हो गई।

  • सूरत-उदयपुर वंदे भारत का आगाज, 7 घंटे 40 मिनट में सफर

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com सूरत, 2 अक्टूबर 2026। गुजरात के सूरत और राजस्थान के उदयपुर के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत एक्सप्रेस का शुक्रवार को उद्घाटन रन शुरू हुआ। रेलवे ने इस नई सेवा को उद्घाटन स्पेशल के रूप में ट्रेन संख्या 09103 के तहत संचालित किया। ट्रेन सुबह 10 बजे सूरत से रवाना होकर शाम 5:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचने के लिए निर्धारित की गई है। उद्घाटन सेवा में वंदे भारत का आठ कोच वाला रैक लगाया गया है। नई रेल सेवा गुजरात और राजस्थान के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। नियमित सेवा में यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी और मंगलवार को इसका संचालन नहीं होगा। नियमित परिचालन 3 अक्टूबर से उदयपुर से सूरत की दिशा में और 4 अक्टूबर से सूरत से उदयपुर की दिशा में शुरू होगा। नौ स्टेशनों पर होगा ठहराव सूरत और उदयपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों दिशाओं में भरूच, वडोदरा, आणंद, मणिनगर, असारवा, हिम्मतनगर, शामलाजी रोड, डूंगरपुर और जावर स्टेशनों पर रुकेगी। इससे गुजरात और राजस्थान के इन शहरों के यात्रियों को सीधा रेल विकल्प उपलब्ध होगा। ट्रेन में एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। नियमित सेवा भी आठ कोच वाले वंदे भारत रैक के साथ संचालित की जाएगी। नियमित सेवा का समय भी तय रेलवे की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, उदयपुर सिटी-सूरत वंदे भारत (26904) 3 अक्टूबर से दोपहर 3:35 बजे उदयपुर से रवाना होकर रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी। वहीं सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत (26903) 4 अक्टूबर से सुबह 6:10 बजे सूरत से रवाना होकर दोपहर 1:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। इस तरह सूरत से उदयपुर की नियमित यात्रा लगभग साढ़े सात घंटे में पूरी होगी। उदयपुर-असारवा सेवा में बदलाव नई सूरत-उदयपुर वंदे भारत सेवा शुरू होने के साथ उदयपुर सिटी-असारवा-उदयपुर सिटी वंदे भारत (26963/26964) का संचालन 2 अक्टूबर से बंद कर दिया गया है। रेलवे के इस बदलाव के बाद उदयपुर से गुजरात के सूरत तक सीधी वंदे भारत सेवा उपलब्ध होगी। रेलवे के अनुसार, नई सेवा से दोनों राज्यों के बीच तेज रेल संपर्क के साथ यात्रियों के लिए व्यापार, पर्यटन और अन्य आवागमन के विकल्पों में विस्तार होगा। ट्रेन के उद्घाटन अवसर पर सूरत में आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के जल संसाधन मंत्री सी.आर. पाटिल ने हरी झंडी दिखाई।

  • चिनाब-अंजी पुलों पर 100 की रफ्तार में दौड़ी वंदे भारत

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com जम्मू, 2 अक्टूबर 2026। जम्मू-कश्मीर में भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण परिचालन उपलब्धि दर्ज की है। जम्मू-श्रीनगर रेल मार्ग पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ने पहली बार चिनाब और अंजी रेलवे पुलों को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया। यह परीक्षण कटरा-बनिहाल रेल खंड पर अधिकतम अनुमत गति बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटे किए जाने के बाद किया गया। रेलवे के अनुसार, 111 किलोमीटर लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल खंड पर अधिकतम अनुमत गति पहले 75 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिसे अब बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया है। गति बढ़ाने का सफल परीक्षण 2 अक्टूबर को वंदे भारत एक्सप्रेस की ट्रेन संख्या 26401/26404 के माध्यम से किया गया। चिनाब पुल पर पहली बार 100 की रफ्तार वंदे भारत का 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चिनाब पुल को पार करना इस रेल मार्ग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। चिनाब रेलवे पुल को दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च पुल माना जाता है। यह चिनाब नदी से करीब 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है और इसकी लंबाई लगभग 1,315 मीटर है। यह पुल जम्मू-कश्मीर के कठिन पहाड़ी भूभाग में रेलवे संपर्क को मजबूत करने वाली उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। अंजी पुल पर भी बढ़ी रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारत के पहले केबल-स्टेड रेलवे पुल अंजी पुल को भी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पार किया। यह पुल गहरी अंजी घाटी के ऊपर बनाया गया है और USBRL के कटरा-बनिहाल खंड में महत्वपूर्ण रेल संरचना के रूप में कार्य करता है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, गति सीमा बढ़ाए जाने से इस खंड पर ट्रेन संचालन अधिक सुचारु होने और यात्रा समय में कमी आने की संभावना है। साथ ही यात्रियों को तेज और बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। USBRL परियोजना को मिला नया परिचालन आयाम कटरा-बनिहाल रेल खंड जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली USBRL परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र में कठिन पहाड़ी भूगोल के बीच कई सुरंगों और बड़े पुलों का निर्माण किया गया है। चिनाब और अंजी पुल इसी परियोजना की प्रमुख इंजीनियरिंग संरचनाओं में शामिल हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर वंदे भारत के दोनों पुलों को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पार करने का वीडियो साझा किया और इसे भारतीय रेल इंजीनियरिंग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेलवे द्वारा अनुमत गति में यह बढ़ोतरी जम्मू-कश्मीर के इस महत्वपूर्ण रेल गलियारे पर परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक नया कदम है। इसके प्रभाव से यात्रियों के यात्रा समय और ट्रेन संचालन की दक्षता में कितना बदलाव आता है, यह नियमित परिचालन के आंकड़ों से स्पष्ट होगा।

  • पाली में मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव, नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह पाली, 2 अक्टूबर 2026। पाली जिला मुख्यालय पर 1 अक्टूबर को जिला स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का आयोजन जिला परिषद सभागार में किया गया। कार्यक्रम में नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। जिला प्रशासन ने आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और आयोजन के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की ओर से नवचयनित अभ्यर्थियों की उपस्थिति, पंजीकरण और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। रोजगार उत्सव के लिए पशुपालन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया था। संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, पाली डॉ. मनोज पंवार को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके सहयोग के लिए शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को भी संबंधित व्यवस्थाओं में समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। जिला प्रशासन ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से एक अधिकारी को विभागीय प्रतिनिधि के रूप में नामित करने के निर्देश दिए थे। संबंधित प्रतिनिधियों को नवचयनित अभ्यर्थियों की उपस्थिति, पंजीकरण तथा बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया था। कार्यक्रम स्थल पर तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को आवश्यक समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। जिला परिषद सभागार में टू-वे कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए थे। वहीं, नगर निगम को कार्यक्रम स्थल पर पेयजल और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। प्रशासन का जोर कार्यक्रम में शामिल होने वाले नवचयनित अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर रहा। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार संबंधित विभागों ने आयोजन से जुड़ी तैयारियां पूरी कीं। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। जिला मुख्यालय पर आयोजित यह कार्यक्रम रोजगार से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

  • तवांग में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन, चीन समेत करीब 20 देशों को न्योता

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) तवांग | 2 अक्टूबर 2026अरुणाचल प्रदेश का तवांग अक्टूबर के अंत में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। यहां 27 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट आयोजित किया जाएगा। आयोजन में करीब 20 देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें चीन का नाम भी शामिल है। तवांग अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। हिमालयी क्षेत्र में स्थित यह स्थान देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट के जरिए अरुणाचल प्रदेश की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की कोशिश की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के पर्यटन प्रतिनिधियों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और अन्य संबंधित लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन के दौरान तवांग के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों को भी प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। तवांग मठ, बुद्ध पार्क और पांगा टेंग त्सो झील जैसे प्रमुख स्थल कार्यक्रम से जुड़े पर्यटन भ्रमण का हिस्सा हो सकते हैं। इस आयोजन को लेकर चीन को निमंत्रण दिए जाने की खबर विशेष रूप से चर्चा में है। तवांग भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है और अरुणाचल प्रदेश को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से क्षेत्रीय मतभेद रहे हैं। ऐसे में पर्यटन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में चीन को निमंत्रण दिए जाने को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, चीन के प्रतिनिधियों की कार्यक्रम में भागीदारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और अरुणाचल प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अधिक मजबूती से स्थापित करना है। इसके माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, बौद्ध विरासत और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को सामने लाने का अवसर मिलेगा। इस तरह के आयोजन स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। होटल, परिवहन, टूर ऑपरेटर, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ संपर्क बनाने का अवसर मिल सकता है। तवांग में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारियां जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग आयोजन स्थल, अतिथि व्यवस्था, परिवहन, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारी कर रहे हैं। तवांग में होने वाला यह पर्यटन मार्ट केवल पर्यटन गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी मिलेगा। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आमंत्रित देशों में से कितने प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल होते हैं और तवांग का यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजन किस प्रकार आगे बढ़ता है।

  • पाली में मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव, नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह पाली, 2 अक्टूबर 2026। पाली जिला मुख्यालय पर 1 अक्टूबर को जिला स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का आयोजन जिला परिषद सभागार में किया गया। कार्यक्रम में नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। जिला प्रशासन ने आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और आयोजन के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की ओर से नवचयनित अभ्यर्थियों की उपस्थिति, पंजीकरण और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। रोजगार उत्सव के लिए पशुपालन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया था। संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, पाली डॉ. मनोज पंवार को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके सहयोग के लिए शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को भी संबंधित व्यवस्थाओं में समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। जिला प्रशासन ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से एक अधिकारी को विभागीय प्रतिनिधि के रूप में नामित करने के निर्देश दिए थे। संबंधित प्रतिनिधियों को नवचयनित अभ्यर्थियों की उपस्थिति, पंजीकरण तथा बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया था। कार्यक्रम स्थल पर तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को आवश्यक समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। जिला परिषद सभागार में टू-वे कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए थे। वहीं, नगर निगम को कार्यक्रम स्थल पर पेयजल और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। प्रशासन का जोर कार्यक्रम में शामिल होने वाले नवचयनित अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर रहा। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार संबंधित विभागों ने आयोजन से जुड़ी तैयारियां पूरी कीं। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। जिला मुख्यालय पर आयोजित यह कार्यक्रम रोजगार से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

  • मतदाता सूची में छूटे नामों को जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 2 अक्टूबर 2026 विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पूरी होने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग ने एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान करना और उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, जिनके नाम पुनरीक्षण के बाद सूची में नहीं रह गए हैं। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और नए पात्र मतदाताओं को भी सूची में जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को वर्तमान मतदाता सूची की तुलना SIR से पहले की सूची से करने और ऐसे मतदाताओं की पहचान करने को कहा गया है, जिनके नाम पहले की सूची में थे लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त करेंगे। पात्र पाए जाने वाले लोगों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने में सहायता दी जाएगी। इसके लिए Form 6 के माध्यम से नए सिरे से नामांकन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है। इसलिए SIR के दौरान या उसके बाद यदि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकता है। पहली बार मतदान करने वाले युवा भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। विशेष अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय स्तर के कार्यक्रमों और मतदाता जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया की जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा। चुनाव अधिकारियों को अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के लिए भी कहा गया है। बूथ स्तर पर तैयार की जाने वाली सूचियों और प्राप्त आवेदनों की जानकारी संबंधित निर्वाचन अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। यह अभियान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब SIR के दौरान मतदाता सूचियों में हुए बदलाव को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा जारी है। चुनाव आयोग का कहना है कि उसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर उपलब्ध कराना है, जबकि इस प्रक्रिया को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अलग-अलग चिंताएं और आरोप भी उठाए हैं। इन राजनीतिक दावों पर अलग-अलग पक्षों के अपने बयान हैं। अब विशेष अभियान के दौरान यह देखा जाएगा कि पहले की मतदाता सूची में दर्ज लेकिन वर्तमान सूची से बाहर रह गए कितने पात्र नागरिकों की पहचान होती है और उनमें से कितने लोग निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर मतदाता सूची में दोबारा शामिल होते हैं। साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम जोड़ना भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

  • तमिलनाडु के कथित स्कूल मान्यता मामले में ED की एंट्री, 100 करोड़ के लेनदेन की जांच तेज

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चेन्नई, 2 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु में निजी स्कूलों को सरकारी मान्यता और अन्य स्वीकृतियां दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच शुरू कर दी है। ईडी ने चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अन्बिल महेश पोय्यामोझी और पी.टी. अरसाकुमार सहित अन्य लोगों के नाम पुलिस जांच में सामने आए हैं। हालांकि, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत ने इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। निजी स्कूलों से रकम लेने का आरोप पुलिस के अनुसार, मामला निजी स्कूल प्रबंधन से कथित तौर पर रकम लेने और इसके बदले स्थायी मान्यता, स्कूलों के उन्नयन, डीटीसीपी मंजूरी तथा अन्य सरकारी स्वीकृतियां दिलाने के आश्वासन से जुड़ा है। शिकायत के आधार पर CCB ने जांच शुरू की थी। पुलिस की जांच में अब तक 177 निजी स्कूलों से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में पी.टी. अरसाकुमार को प्रमुख आरोपियों में बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उन्होंने निजी स्कूल प्रबंधनों से बड़ी रकम जुटाई थी। सितंबर में उन्हें अदालत से डिफॉल्ट जमानत भी मिली, क्योंकि निर्धारित अवधि में पुलिस अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सकी थी। अन्बिल महेश से भी पूछताछ CCB ने सितंबर में अन्बिल महेश को मामले में आरोपी के तौर पर शामिल किया था। इसके बाद चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में उनसे जुड़े परिसरों पर तलाशी ली गई। पुलिस ने तलाशी के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे। बाद में अन्बिल महेश पूछताछ के लिए CCB के समक्ष पेश हुए। अन्बिल महेश ने पूछताछ के दौरान आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट का भी रुख किया है। अब वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करेगी ED ईडी ने CCB से प्राथमिकी और मामले से संबंधित दस्तावेज हासिल किए हैं। एजेंसी का शुरुआती फोकस कथित रकम के लेनदेन, धन के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल की कड़ियों की जांच पर है। आगे की कार्रवाई प्रारंभिक वित्तीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने इससे पहले मामले से जुड़े अन्य परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया था। 29 सितंबर को हुई एक कार्रवाई में पांच स्थानों से 44 दस्तावेज और एक लैपटॉप जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से सामने आई थी। पूर्व विधायक मुथुकुमार का नाम भी जांच में मामले की पुलिस जांच में पूर्व विधायक मुथुकुमार का नाम भी सामने आया है। उनके खिलाफ जांच जारी है और पुलिस उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोपों को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। ईडी की जांच शुरू होने के बाद अब इस मामले में कथित भ्रष्टाचार के साथ-साथ वित्तीय लेनदेन और धन के प्रवाह की भी अलग से जांच होगी। मामले में नामजद सभी व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपने पक्ष रखने का अधिकार है और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

  • प्रवासी मजदूर का शव गांव पहुंचाने में सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन ने संभाली जिम्मेदारी

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 2 अक्टूबर 2026। बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर निवासी प्रवासी मजदूर अंकित कुमार की असमय मृत्यु के बाद उनके शव को पैतृक गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन ने संभाली। फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण कुमार पांडेय के नेतृत्व में टीम ने पुलिस और चिकित्सकीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर पोस्टमार्टम, आवश्यक दस्तावेज, अनुमति और एनओसी जैसी प्रक्रियाओं में परिजनों को सहयोग उपलब्ध कराया। जानकारी के अनुसार, चेंन्नापट्टना क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़े कुछ प्रवासी मजदूरों के बीच हुए विवाद के बाद अंकित कुमार की मृत्यु हो गई। मामले में दो नाबालिगों को आरोपी बनाए जाने की बात सामने आई है। उनकी उम्र करीब 16 से 17 वर्ष बताई जा रही है। नाबालिग होने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी गई है। चेंन्नापट्टना से बेंगलुरु, फिर पटना पहुंचाया गया शव अंकित कुमार के चाचा राजेश साहनी ने घटना के बाद सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन से संपर्क कर शव को बिहार स्थित पैतृक गांव तक पहुंचाने में सहयोग मांगा था। इसके बाद फाउंडेशन की टीम ने चेंन्नापट्टना से बेंगलुरु तक शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। बेंगलुरु से शव को हवाई मार्ग से पटना भेजने और वहां से एंबुलेंस के माध्यम से समस्तीपुर जिले स्थित पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। फाउंडेशन के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज और प्रशासनिक अनुमति पूरी कराने के लिए टीम लगातार समन्वय करती रही। भाई और मित्र की हवाई यात्रा की भी व्यवस्था शव के परिवहन के साथ दिवंगत अंकित कुमार के भाई संजीव कुमार और उनके मित्र रौशन साहनी के बिहार जाने की भी व्यवस्था की गई। फाउंडेशन की ओर से दोनों के हवाई टिकट कराने तथा यात्रा संबंधी खर्च के लिए सहयोग उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। संस्था के अनुसार, परिवार पहले से ही आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा था। ऐसे में शव को घर पहुंचाने के साथ परिजनों की यात्रा की व्यवस्था करना भी तत्काल प्राथमिकता में शामिल किया गया। गांव में पसरा मातम अंकित कुमार के निधन की खबर और शव के गांव पहुंचने की सूचना के बाद विभूतिपुर में शोक का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों और परिचितों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा अंतिम यात्रा में शामिल होकर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी। अंकित कुमार की असमय मृत्यु ने परिवार के साथ गांव के लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित परिवार के साथ मौजूद रहे। रोजगार और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण कुमार पांडेय ने इस घटना के संदर्भ में बिहार में रोजगार के अवसरों और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में युवा दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के सामने रोजगार के अलावा दूसरे राज्यों में रहने, सुरक्षा और आपात स्थिति में परिवार तक सहायता पहुंचाने जैसी चुनौतियां भी रहती हैं। उनके अनुसार, अंकित कुमार की घटना इन मुद्दों पर प्रशासन और समाज का ध्यान आकर्षित करती है। पांच वर्षों में 20 से अधिक मामलों में सहयोग का दावा सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के अनुसार, संस्था पिछले करीब पांच वर्षों में 20 से अधिक मामलों में दूसरे राज्यों से मृतकों के शव उनके गृह जिले अथवा गांव तक पहुंचाने में सहयोग कर चुकी है। फाउंडेशन का कहना है कि किसी प्रवासी श्रमिक की दूसरे राज्य में मृत्यु होने पर उसके शव को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रशासनिक स्तर पर भी संवेदनशीलता के साथ लिया जाना चाहिए। संस्था के अनुसार, पोस्टमार्टम, दस्तावेज, अनुमति, एनओसी और परिवहन जैसी औपचारिकताएं शोकग्रस्त परिवार के लिए कठिन हो सकती हैं। निर्माण स्थलों पर नाबालिगों की मौजूदगी पर सवाल मामले में दो नाबालिगों के आरोपी बनाए जाने की जानकारी के बाद निर्माण स्थलों पर नाबालिगों की मौजूदगी और श्रमिक सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठे हैं। फाउंडेशन ने इस संदर्भ में नाबालिगों के निर्माण कार्य में शामिल होने तथा प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की आवश्यकता जताई है। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी। नाबालिग आरोपियों की पहचान कानून के अनुरूप सार्वजनिक नहीं की गई है। फाउंडेशन की टीम के अनुसार, पोस्टमार्टम, दस्तावेजी प्रक्रिया, अनुमति और एनओसी में समय लगा। टीम सुबह से ही शव को सम्मानपूर्वक परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटी रही। सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन ने कहा कि ऐसे कठिन समय में उसका उद्देश्य मृतक के परिवार के साथ खड़ा होना, प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक समन्वय करना और शव को सम्मानपूर्वक पैतृक गांव तक पहुंचाने में सहयोग करना है। समाचार प्रेषक प्रवीण कुमार पांडेय, बेंगलुरु।

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