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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

06 नवंबर /2026 /शुक्रवार

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

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हैदराबाद में 11 नवंबर को होगा भव्य चित्रगुप्त दवात पूजन, 19 वर्षों से परंपरा निभा रहा केडीकेएस

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
55 मिनट पहले
2 मिनट पठन
हैदराबाद के उप्पुगुड़ा स्थित चित्रगुप्त देवालयम मंदिर में 11 नवंबर को होने वाली केडीकेएस की सामूहिक चित्रगुप्त दवात पूजा की तैयारियों की समीक्षा बैठक।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com हैदराबाद, 6 नवंबर 2026। कलम दवात कायस्थ समाज (केडीकेएस), हैदराबाद की ओर से प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी चित्रगुप्त पूजा (दवात पूजा) का भव्य आयोजन 11 नवंबर, बुधवार को उप्पुगुड़ा स्थित ऐतिहासिक चित्रगुप्त देवालयम मंदिर परिसर में किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए संस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।


संस्था के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिन्हा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि केडीकेएस पिछले 19 वर्षों से हैदराबाद में चित्रांश समाज के परिवारों को एक मंच पर लाकर चित्रगुप्त पूजा का आयोजन करता आ रहा है। संस्था के संस्थापक बी.के. कर्णा और सह-संस्थापक जे.पी. लाल ने भी आयोजन की परंपरा और सामाजिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। समीक्षा बैठक में सलाहकार समिति के अध्यक्ष गणेश प्रसाद श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव और अंतरराष्ट्रीय कवयित्री श्रीमती ज्योति नारायण ने कार्यक्रम की तैयारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने वर्तमान महासचिव सुनील श्रीवास्तव को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए सभी सदस्यों से सक्रिय सहयोग की अपील की।


सुबह अभिषेक से शुरू होगा धार्मिक आयोजन


कार्यक्रम संयोजक विजय विकास अम्बष्ट ने पूजा की विस्तृत समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 7 से 9 बजे तक भगवान चित्रगुप्त का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सुबह 9 से 11 बजे तक मैथिल पंडित के मार्गदर्शन में सामूहिक दवात पूजा संपन्न होगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चित्रांश परिवारों के सदस्यों की ओर से भजन, संगीत और नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रभारी श्रीमती शिल्पी भटनागर ने सभी चित्रांश परिवारों से कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया। आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए हैदराबाद के सुप्रसिद्ध गायक पवन पांडे और श्याम जी शुक्ला की संगीत प्रस्तुतियां भी होंगी। इससे धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी विशेष रंग मिलने की उम्मीद है।


कई पदाधिकारी और सदस्य संभालेंगे जिम्मेदारियां


कार्यक्रम की सफलता में अनामिका कर्ण, डॉ. शिव कुमार, ओम प्रकाश सिन्हा, श्वेता सिन्हा, आकृति सिन्हा, प्रशंसा श्रीवास्तव और निवेदिता श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहेगा। वहीं संयोजक अजय कुमार दास, प्रभुनाथ सिन्हा, सत्यम श्रीवास्तव, सचिन श्रीवास्तव और अरविंद वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने भी आयोजन में भरपूर सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक के अंत में कोषाध्यक्ष अनूप कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हैदराबाद और सिकंदराबाद के सभी चित्रांश परिवारों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि आयोजन के लिए काफी संख्या में लोग अपना नामांकन करा चुके हैं। उन्होंने इसे चित्रांश समाज के लोगों के लिए आपसी मेल-मिलाप, सांस्कृतिक जुड़ाव और पारिवारिक एकता का महत्वपूर्ण अवसर बताया। संस्था की ओर से सभी चित्रांश परिवारों को सादर आमंत्रित किया गया है। आयोजकों का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ समाज के परिवारों को एक मंच पर जोड़ना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। समाचार प्रेषक सुनील श्रीवास्तव रानीगंज सिकंदराबाद तेलंगाना।



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