हनुमान भक्ति से गूंजा श्रीराम कथा का आठवां दिन
- धन्नाराम चौधरी

- 27 अग॰
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलूरु, 26 अगस्त 2026। होसूर बंडे स्थित श्री कृष्णा गोसेवा आश्रम गोशाला में मातेश्वरी भक्त मंडल के तत्वावधान में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान श्रीराम के उत्तर चरित्र, रामराज्य के आदर्शों और हनुमान जी की अनन्य भक्ति का श्रवण किया।
कथा वाचक संत किशोरचन्द रामायणी ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, न्याय और प्रजा के प्रति समर्पण का आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य केवल शासन व्यवस्था का नाम नहीं है, बल्कि ऐसा आदर्श है, जिसमें न्याय, सेवा, समानता, धर्म और लोककल्याण की भावना सर्वोपरि रहती है।
संत किशोरचन्द रामायणी ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हुए मनुष्य अपने आचरण से परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
कथा के दौरान वीर हनुमान जी की भव्य जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। हनुमान भक्ति का महत्व बताते हुए संत ने कहा कि हनुमान जी की भक्ति निष्काम सेवा, पूर्ण समर्पण और अहंकार रहित आचरण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी ने अपने लिए कुछ नहीं मांगा, बल्कि भगवान श्रीराम की सेवा को ही अपना परम सौभाग्य माना।
उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि अहंकार का त्याग कर श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना से जीवन जीने का प्रयास करे तो उसका जीवन अधिक सार्थक और समाजोपयोगी बन सकता है।
इस अवसर पर स्वामी पुष्करदास महाराज ने बताया कि गुरुवार को नौ दिवसीय श्रीराम कथा की भव्य पूर्णाहुति आयोजित की जाएगी। पूर्णाहुति के बाद रात्रि में विशेष भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन संध्या में गोभक्त डॉ. ओम मुडेल अपने भजनों की प्रस्तुति देंगे।
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