top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से ममता सरकार पर दबाव

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 22
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को लेकर Supreme Court of India की सख्त टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।


मामला राजनीतिक रणनीतिक संस्था Indian Political Action Committee (आई-पैक) से जुड़ा है, जहां इसी वर्ष जनवरी में Enforcement Directorate (ईडी) ने छापेमारी की थी। जांच के दौरान कथित तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं आई-पैक के सह-संस्थापक के आवास पर पहुंचीं और वहां से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ईडी का दावा है कि ये दस्तावेज जांच के लिए बेहद अहम थे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए टिप्पणी की कि किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री जांच प्रक्रिया में इस तरह हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी, जहां एक मौजूदा मुख्यमंत्री स्वयं जांच स्थल पर पहुंचकर दस्तावेज अपने कब्जे में ले ले। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की कार्रवाई से संस्थागत संतुलन प्रभावित होता है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।


वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि यह केंद्र और राज्य के बीच का विवाद है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत देखा जाना चाहिए। हालांकि अदालत इस दलील से संतुष्ट नहीं हुई और सवाल उठाया कि इस मामले में राज्य का प्रत्यक्ष अधिकार किस आधार पर बनता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसे केंद्र-राज्य विवाद बताकर उचित नहीं ठहराया जा सकता। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल में सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सरकार को घेरा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले की अगली सुनवाई और अदालत के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी, जो चुनावी राजनीति पर भी असर डाल सकती हैं।


west bengal, supreme court, mamata banerjee, kolkata news, indian politics, bengal politics, supreme court hearing on west bengal, mamata banerjee government under pressure, latest update on west bengal case


ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page