सिर के गहरे घाव पर टांकों की जगह दफ्तर की स्टेपलर पिन! नवादा की घटना का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
- धन्ना राम चौधरी

- 14 मार्च
- 3 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
नवादा (बिहार)। बिहार के नवादा जिले से सामने आई एक हैरान करने वाली घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक घायल युवक के सिर के गहरे घाव पर डॉक्टर द्वारा टांके लगाने के बजाय कथित तौर पर दफ्तर में इस्तेमाल होने वाली साधारण स्टेपलर मशीन से पिन लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी नाराजगी और चिंता देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार यह मामला नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के नरोमुरार गांव का बताया जा रहा है। गांव का एक युवक 3 मार्च को एक दुर्घटना में घायल हो गया था। हादसे के दौरान उसके सिर में गहरी चोट लग गई थी और काफी खून बह रहा था। परिजनों और आसपास के लोगों ने उसे तत्काल इलाज के लिए नजदीक के इलाके में मौजूद एक ग्रामीण चिकित्सक के पास पहुंचाया।
टांकों की जगह स्टेपलर मशीन का इस्तेमाल
घायल युवक का आरोप है कि डॉक्टर ने उसके सिर के घाव की उचित जांच किए बिना ही इलाज शुरू कर दिया। युवक के मुताबिक घाव पर मेडिकल तरीके से टांके लगाने के बजाय डॉक्टर ने साधारण दफ्तर में इस्तेमाल होने वाली स्टेपलर मशीन से पिन लगाकर घाव को जोड़ने की कोशिश की।
घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो वे भी हैरान रह गए। आमतौर पर सिर के गहरे घावों में अस्पताल में सर्जिकल टांके लगाए जाते हैं या फिर मरीज को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाता है, लेकिन यहां अपनाया गया तरीका लोगों के लिए चौंकाने वाला साबित हुआ।
वीडियो वायरल होते ही मचा हंगामा
घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में घायल युवक के सिर के घाव पर स्टेपलर की पिन लगाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि आखिर मरीज के इलाज में इस तरह का असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीका कैसे अपनाया जा सकता है। लोगों का कहना है कि इस तरह का इलाज मरीज के लिए संक्रमण और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दूर-दराज के इलाकों में योग्य डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के कारण अक्सर मरीजों को ऐसे असुरक्षित इलाज का सामना करना पड़ता है।
कई लोगों का यह भी कहना है कि कई जगहों पर बिना पर्याप्त योग्यता वाले लोग भी इलाज करने लगते हैं, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।
जांच और कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले की जांच की मांग उठने लगी है। लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह की लापरवाही का सामना न करना पड़े।
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