विरोध की कीमत: पड़ोसी ने चाकू मारकर ली जान
- धन्ना राम चौधरी

- 18 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बरहामपुर (ओडिशा)। मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए एक पड़ोसी की बुजुर्ग महिला के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार का विरोध करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। ओडिशा के गंजम जिले के बरहामपुर में गुरुवार रात एक 51 वर्षीय व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और समाज में बढ़ती असहिष्णुता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह घटना बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के रेड्डीका साही की है, जहां मृतक की पहचान के. भगवान रेड्डी (51) के रूप में हुई है। आरोप है कि उनके पड़ोसी के. लिंगा रेड्डी (49) ने अपनी पत्नी के. लक्ष्मी रेड्डी (43) के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी लिंगा और उसकी पत्नी अपनी 75 वर्षीय मां पारू रेड्डी के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करते थे। पड़ोसी होने के नाते भगवान रेड्डी अक्सर उन्हें अपनी बुजुर्ग मां के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की नसीहत देते थे। लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज करते हुए आरोपियों का व्यवहार नहीं बदला। बताया जा रहा है कि हाल ही में भगवान रेड्डी ने आरोपियों द्वारा बुजुर्ग महिला के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और इसे आंध्र प्रदेश में रहने वाली पीड़िता की बेटी को भेज दिया। इस बात से नाराज होकर आरोपी और भगवान के बीच विवाद बढ़ गया।
गुरुवार रात इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में फिर से बहस छिड़ गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर लिंगा रेड्डी ने भगवान रेड्डी पर कई बार चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घायल भगवान को तुरंत एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवाना विवेक एम ने बताया कि मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है। यह घटना न केवल एक जघन्य हत्या है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समाज में गलत के खिलाफ आवाज उठाने वालों को किस तरह जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
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