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वर्दी की आड़ में लूट का खेल उजागर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 23
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी में खाकी वर्दी की आड़ में चल रहे एक संगठित लूट गिरोह का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह में शामिल लोग कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस विभाग से जुड़े बर्खास्त और रिटायर्ड कर्मी निकले, जो वर्दी के रौब का इस्तेमाल कर आम लोगों को निशाना बना रहे थे।

मुफस्सिल थाना पुलिस की कार्रवाई में इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पुलिस महकमे और आम जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है।

पूछताछ में खुली परत-दर-परत साजिश

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने हाल ही में एक मारपीट की घटना में सफदर इमाम नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जिस गिरोह का खुलासा किया, वह बेहद संगठित और शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर गिरोह के अन्य सदस्यों को दबोच लिया।

बर्खास्त और रिटायर्ड कर्मी बने मास्टरमाइंड

सदर एसडीपीओ-2 जितेश पांडे के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में लाल बहादुर राम, जो एक बर्खास्त पुलिसकर्मी है, इस गिरोह का प्रमुख सरगना है। वहीं राजेंद्र राय और प्रभु लाल शाह रिटायर्ड होमगार्ड जवान हैं। इनके अलावा मोहम्मद आरिफ और सफदर इमाम भी इस आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा थे। गिरोह में एक मिस्त्री भी शामिल था, जो वारदात के दौरान सहयोग करता था।

दो तरीकों से करते थे वारदात

यह गिरोह बेहद सुनियोजित ढंग से अपराध को अंजाम देता था। पहला तरीका—रात के अंधेरे में पुलिस की वर्दी पहनकर सड़कों पर निकलना, राहगीरों को रोकना और उन्हें झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर पैसे वसूलना। दूसरा तरीका—भोले-भाले लोगों को “नोट डबल” करने का लालच देकर ठगी करना।

भारी मात्रा में सामान और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से चार सेट खाकी वर्दी, टोपी, बेल्ट, पुलिस स्टिक, फर्जी आईडी कार्ड और पुलिस बोर्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा 1 लाख 81 हजार 200 रुपये नकद और तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। बरामद नोटबुक और पासबुक से कई अन्य पीड़ितों के बारे में सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।

जांच जारी, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

डीएसपी जितेश पांडे ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य स्थानों तक भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

जनता से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे विशेष रूप से रात के समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।


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