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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

06 नवंबर /2026 /शुक्रवार

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

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राशन माफिया पर सरकार का शिकंजा: तीन महीने में 17.78 लाख किलो अनाज जब्त, 215 गिरफ्तार

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
6 दिन पहले
3 मिनट पठन
कर्नाटक में राशन तस्करी के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई में जब्त चावल, अनाज, गैस सिलेंडर और वाहन।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 01 नवंबर 2026। कर्नाटक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराए जाने वाले राशन की अवैध तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग ने पिछले तीन महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में छापेमारी और जांच अभियान चलाकर करीब 17.78 लाख किलोग्राम राशन अनाज जब्त किया है। इस कार्रवाई में 238 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जबकि 215 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद के निर्देश पर विभाग ने 1 अगस्त से राशन की अवैध ढुलाई करने वाले वाहनों की जांच और निजी गोदामों पर छापेमारी का अभियान शुरू किया था। इस दौरान चावल, गेहूं, रागी और विभिन्न प्रकार की दालों सहित बड़ी मात्रा में खाद्यान्न बरामद किया गया।


बेलगावी में सबसे अधिक राशन जब्त


विभागीय कार्रवाई के आंकड़ों के अनुसार, बेलगावी जिले में पांच लाख किलोग्राम से अधिक राशन अनाज जब्त किया गया है। वहीं, कोलार जिले में लगभग 3.5 लाख किलोग्राम चावल और अन्य खाद्यान्न बरामद किए गए। बागलकोट और विजयपुरा जिलों में भी एक-एक लाख किलोग्राम से अधिक राशन अनाज जब्त किया गया है।अवैध तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 156 वाहनों को भी विभाग ने जब्त किया है। इन कार्रवाइयों के सिलसिले में राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में कुल 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं। अब तक 215 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।


ईंधन और गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण पर भी कार्रवाई


राशन तस्करी के अलावा विभाग ने रसोई गैस सिलेंडरों तथा पेट्रोल-डीजल के अवैध भंडारण और कारोबार के खिलाफ भी अभियान चलाया है। पिछले तीन महीनों के दौरान 14,250 लीटर पेट्रोल और 1,492 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। विभाग के अनुसार, जब्त किए गए राशन अनाज, गैस सिलेंडरों और पेट्रोल की कुल अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है। सरकार की ओर से इन कार्रवाइयों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।


गरीबों के राशन की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं: रिज़वान अरशद


मंत्री रिज़वान अरशद ने अधिकारियों को राशन तस्करी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी और जांच अभियान लगातार जारी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए निर्धारित चावल तथा अन्य खाद्यान्न की चोरी और अवैध बिक्री किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति और आर्थिक कठिनाइयों के कारण गरीब परिवार पहले से ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में उनके लिए निर्धारित राशन का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए करना गंभीर अपराध है। सरकार इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पिछले कुछ दिनों में चावल की कीमतों में वृद्धि के बीच यदि कोई व्यक्ति या समूह इस स्थिति का फायदा उठाकर अवैध रूप से चावल की खरीद-बिक्री अथवा भंडारण करने की कोशिश करता है, तो विभाग उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेगा।


सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता बड़ी चुनौती


राशन की इतनी बड़ी मात्रा में जब्ती और तस्करी के मामलों में दर्ज प्राथमिकी यह संकेत देती हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी और खाद्यान्न की आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। गरीबों के लिए निर्धारित अनाज निर्धारित लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए परिवहन, भंडारण और वितरण के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। सरकार के सामने अब चुनौती केवल छापेमारी और जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे समाप्त करने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने की भी है।



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