राम मंदिर चढ़ावा गबन केस: 8 आरोपी फिर जेल, आज कोर्ट के फैसले पर सबकी नजर
- Ashok kumar Singh

- 14 जुल॰
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अयोध्या राम मंदिर, फैजाबाद कोर्ट (प्रतीकात्मक)
भारतार्थ खबर | संवाददाता: अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) अयोध्या | 14 जुलाई, 2026 राम मंदिर चढ़ावा गबन केस में सोमवार को फैजाबाद की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने बड़ा आदेश सुनाते हुए सभी 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 27 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। वहीं दो प्रमुख आरोपियों की पुलिस रिमांड की मांग पर अदालत 14 जुलाई को फैसला सुनाएगी। इस फैसले पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि जांच एजेंसियों का दावा है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपियों को पेश किया गया। जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस हिरासत मांगी है। पुलिस का कहना है कि इन दोनों से पूछताछ के जरिए कथित चढ़ावा गबन से जुड़े अहम सबूत और तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पूर्व चालक टिन्नू यादव के पास कथित रूप से दान पेटियों की चाबियां थीं। वहीं बैंक के पूर्व कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया की निगरानी से जुड़े थे। इससे पहले पुलिस चार अन्य आरोपियों से अलग-अलग पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है और दावा किया है कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में सुनवाई लगातार जारी है।
इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन के फैसले ने भी मामले को नई चर्चा में ला दिया है। बार एसोसिएशन ने आरोपियों की पैरवी न करने का निर्णय लिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने आरोपियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराते हुए पूर्व संयुक्त निदेशक स्तर के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह को बचाव पक्ष का वकील नियुक्त किया है। चूंकि वह फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए वे आरोपियों की ओर से मुकदमा लड़ सकते हैं।
बार एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उसका कोई सदस्य इस मामले में आरोपियों की पैरवी करता है, तो उसके खिलाफ 5 लाख रुपये जुर्माना और सदस्यता समाप्त करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
अब सभी की निगाहें अदालत के मंगलवार के फैसले पर हैं, जहां यह तय होगा कि दो आरोपियों को पुलिस रिमांड मिलेगी या नहीं। यह फैसला जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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