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राजस्थान में अवैध शराब माफियाओं पर सबसे बड़ा प्रहार, 11 दिन में 1044 मुकदमे; 2.80 लाख लीटर वॉश नष्ट

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 13 मई
  • 4 मिनट पठन
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भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

डेटलाइन: जयपुर, 13 मई। राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा राज्यव्यापी अभियान चलाकर माफिया नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। 1 मई से 11 मई 2026 तक चले विशेष निरोधात्मक अभियान में विभाग ने 1044 मुकदमे दर्ज किए, 380 आरोपियों को गिरफ्तार किया और लाखों लीटर कच्चा माल नष्ट कर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ “जीरो टोलरेंस” का स्पष्ट संदेश दिया है।

राज्य के सीमावर्ती जिलों, हाईवे क्षेत्रों, नदी किनारों और संवेदनशील गांवों में एक साथ हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई ने अवैध शराब के नेटवर्क को हिला दिया है। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा समन्वित ऑपरेशन माना जा रहा है।

11 दिन में रिकॉर्ड कार्रवाई, करोड़ों की शराब जब्त

आबकारी विभाग के अनुसार अभियान के दौरान प्रदेशभर में सघन छापेमारी और नाकाबंदी अभियान चलाया गया।

मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार रहीं—

  • 1044 अभियोग दर्ज

  • 380 आरोपियों की गिरफ्तारी

  • 42 वाहन जब्त

  • 2,80,533 लीटर वॉश नष्ट

  • 7021 लीटर हथकड़ शराब बरामद

जब्त किए गए वाहनों में 8 बड़े वाहन, 2 हल्के चार पहिया वाहन और 32 दुपहिया वाहन शामिल हैं, जिनका उपयोग कथित तौर पर शराब तस्करी में किया जा रहा था।

सीमावर्ती जिलों में कड़ी निगरानी

उत्तर राजस्थान के Hanumangarh जिले में नोहर, संगरिया और आसपास के क्षेत्रों में आबकारी निरोधक दल ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। यहां 5100 लीटर वॉश और 7 कच्ची भट्टियां नष्ट की गईं।

वहीं Sri Karanpur क्षेत्र के साबू की मोर गांव में दबिश देकर 150 लीटर वॉश नष्ट किया गया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि पंजाब और हरियाणा सीमा से लगते इलाकों में तस्करी रोकने के लिए निगरानी और बढ़ाई गई है।

नदी किनारों और पहाड़ियों में छिपे अवैध ठिकाने

सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई Baran और Sirohi जिलों में सामने आई।

बारां जिले के लक्ष्मीपुरा गांव में छापेमारी के दौरान ड्रमों में भरे 11,000 लीटर वॉश का भंडार मिला। यहां 23 अवैध भट्टियां नष्ट की गईं और 80 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।

वहीं आबूरोड क्षेत्र के वासड़ा गांव में नदी किनारे सिंटेक्स टंकियों में 6000 लीटर उत्तेजित वॉश छिपाकर रखा गया था। आबकारी विभाग ने मौके पर पहुंचकर पूरी सामग्री नष्ट कर दी।

अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अब जंगलों, पहाड़ियों और सुनसान नदी किनारों को अवैध शराब निर्माण के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।

हाईवे पर नाकाबंदी और फरार आरोपियों की धरपकड़

Chittorgarh-नीमच और चित्तौड़गढ़-कोटा हाईवे पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। EPF टीमों ने कई संदिग्ध वाहनों की जांच कर शराब तस्करी के नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाई।

वहीं Jodhpur जिले में फलौदी, लूनी और शहर के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई करते हुए 9 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

संवेदनशील इलाकों में भी कार्रवाई तेज

पूर्वी राजस्थान के Dholpur जिले के आदर्श नगर और पचगांव जैसे संवेदनशील इलाकों में 5000 लीटर वॉश नष्ट किया गया।

इसी तरह Dausa के महुआ और लालसोट क्षेत्रों में 6300 लीटर वॉश और 9 अवैध भट्टियां नष्ट की गईं।

आबकारी अधिकारियों के अनुसार अब किसी भी क्षेत्र को “सेफ जोन” नहीं माना जा रहा है और राज्यभर में निरंतर निगरानी जारी रहेगी।

जब्त शराब की मात्रा और अनुमानित कीमत

शराब का प्रकार मात्रा अनुमानित कीमत

देशी मदिरा 4150 लीटर ₹11.14 लाख

विदेशी मदिरा (IMFL) 943 लीटर ₹9.40 लाख

बीयर 1476 लीटर ₹3.31 लाख

हथकड़ शराब 7021 लीटर जांच जारी


“जीरो टोलरेंस” नीति पर सरकार का जोर

Namit Mehta ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने सभी अतिरिक्त आबकारी आयुक्तों, जिला अधिकारियों और निरीक्षकों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और नियमित गश्त करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग का कहना है कि अन्य राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है।

आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं?

हालिया कार्रवाई के बाद लोगों के मन में कई अहम सवाल उठ रहे हैं—

  • क्या अवैध शराब माफियाओं का नेटवर्क पूरी तरह टूट पाएगा?

  • क्या सीमावर्ती जिलों में निगरानी और सख्त होगी?

  • क्या जहरीली शराब की घटनाओं पर इससे रोक लगेगी?

  • क्या हाईवे तस्करी पर स्थायी नियंत्रण संभव है?

  • क्या भविष्य में और बड़े अभियान देखने को मिलेंगे?

Q&A / FAQ सेक्शन

Q1. अभियान कब से कब तक चला?

1 मई से 11 मई 2026 तक विशेष अभियान चलाया गया।

Q2. कुल कितने मुकदमे दर्ज हुए?

अभियान के दौरान 1044 अभियोग दर्ज किए गए।

Q3. कितनी मात्रा में वॉश नष्ट किया गया?

करीब 2,80,533 लीटर वॉश नष्ट किया गया।

Q4. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

अवैध शराब कारोबार से जुड़े 380 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

Q5. किन जिलों में बड़ी कार्रवाई हुई?

हनुमानगढ़, श्रीकरणपुर, बारां, सिरोही, धौलपुर, दौसा और जोधपुर सहित कई जिलों में कार्रवाई हुई।

निष्कर्ष: राजस्थान में आबकारी विभाग का यह अभियान केवल अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि संगठित अपराध नेटवर्क पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। लगातार बढ़ती निगरानी, सीमावर्ती इलाकों में सख्ती और हाईवे चेकिंग से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में राज्य सरकार अवैध शराब कारोबार के खिलाफ और आक्रामक रणनीति अपना सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहे तो जहरीली शराब और तस्करी से जुड़े मामलों में बड़ी कमी आ सकती है।

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Source: राजस्थान आबकारी विभाग, जिला स्तरीय कार्रवाई रिपोर्ट और आधिकारिक प्रेस जानकारी।

अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

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