NEET परीक्षा रद्द होने पर गरमाई सियासत, अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
- धन्ना राम चौधरी

- 12 मई
- 4 मिनट पठन
पेपर लीक विवाद पर बोले पूर्व सीएम – “बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ी”, लाखों छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
डेटलाइन: जयपुर, 12 मई| देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में तीखी बहस शुरू हो गई है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा निरस्त करने और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के बाद राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे को लेकर राजस्थान की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा रद्द होना इस बात का संकेत है कि पूरे मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए गहलोत ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से यह स्पष्ट हो गया है कि पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों में गंभीरता थी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
NEET परीक्षा रद्द, लाखों छात्रों में चिंता
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में हर वर्ष लाखों छात्र शामिल होते हैं।
जानकारी के अनुसार, NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले 2 मई को कथित तौर पर “गेस पेपर” के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए और जांच की मांग तेज हो गई।
विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया और जांच सीबीआई को सौंप दी। इस फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है।
“बड़े घोटाले का संकेत” – गहलोत
अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा रद्द होना केवल तकनीकी निर्णय नहीं बल्कि बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार पहले भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों को दबाने की कोशिश कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड के OMR शीट घोटाले में समय पर FIR तक दर्ज नहीं की गई। गहलोत के अनुसार, उनकी पार्टी ने दो दिन पहले ही सवाल उठाया था कि इतने बड़े मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
गहलोत ने यह भी दावा किया कि विशेष अभियान समूह (SOG) की जांच में कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं।
NTA के फैसले की सराहना
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ने NTA के फैसले को युवाओं के हित में बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करना और जांच एजेंसियों को मामले की जिम्मेदारी देना एक “साहसिक निर्णय” है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एजेंसियों को कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं, क्योंकि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता सीधे लाखों छात्रों के करियर से जुड़ी होती है।
भाजपा सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया?
हालांकि इस मामले में राजस्थान सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, NEET पेपर लीक विवाद आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि इसका असर युवाओं और उनके परिवारों पर सीधे पड़ रहा है।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
परीक्षा रद्द होने के बाद सबसे ज्यादा चिंता छात्रों और अभिभावकों में देखी जा रही है। कई विद्यार्थियों ने महीनों की तैयारी और मानसिक दबाव के बाद परीक्षा दी थी। अब दोबारा परीक्षा की संभावना ने उनके सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
Q&A : आपके मन में उठ रहे सवाल
Q1. NEET UG 2026 परीक्षा कब आयोजित हुई थी?
यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी।
Q2. परीक्षा रद्द क्यों की गई?
पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद NTA ने परीक्षा रद्द की।
Q3. जांच किस एजेंसी को सौंपी गई है?
मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
Q4. अशोक गहलोत ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने राजस्थान सरकार पर भर्ती घोटालों को छिपाने और समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
Q5. छात्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
लाखों छात्रों का प्रवेश प्रक्रिया और शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है।
निष्कर्ष: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होना केवल एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में सीबीआई जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर पूरे देश की नजर रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में भी ऐसे विवाद शिक्षा व्यवस्था की साख को प्रभावित कर सकते हैं।
Source: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), सार्वजनिक राजनीतिक बयान, सोशल मीडिया पोस्ट एवं संबंधित प्रशासनिक जानकारी।
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