top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

मुंबई में 87 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का खुलासा, BMC करेगी सख्त ऑडिट

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 3
  • 3 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुंबई। मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करीब 87,347 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने का खुलासा हुआ है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की जांच में सामने आया कि जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। इस घोटाले ने न सिर्फ सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सुरक्षा और पहचान व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अब BMC ने पूरे शहर में व्यापक ऑडिट और सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई के नागरिक प्रशासन में यह बड़ा घोटाला उस समय सामने आया जब हेल्थ डिपार्टमेंट ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन की जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि हजारों रिकॉर्ड कथित रूप से नियमों को दरकिनार कर तैयार किए गए। सूत्रों के अनुसार, इन प्रमाणपत्रों के जरिए बाहरी नागरिकों को स्थानीय पहचान देने की कोशिश की गई, जिससे सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

रिकॉर्ड सिस्टम में हेरफेर कैसे हुआ?

जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अधिकारियों ने आधिकारिक Civil Registration System (CRS) पोर्टल का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय पुराने SAP-CPWM सिस्टम का उपयोग कर रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। यह सीधे तौर पर Registrar General of India के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।

साल-दर-साल फर्जी एंट्री

2024: 30,507 मामले

2025: 49,705 मामले

2026: 7,135 मामले (अब तक)

कुल: 87,347 फर्जी प्रमाणपत्र

प्रशासन में हड़कंप, रिपोर्ट सौंपी गई

पूरे मामले की रिपोर्ट नगर आयुक्त अश्विनी भिडे को सौंपी गई है।

👉 BMC ने सभी वार्ड्स में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन का मेगा ऑडिट कराने का फैसला लिया है।

👉 सिविक विजिलेंस विभाग को विस्तृत जांच सौंपी गई है।

कार्रवाई शुरू: सस्पेंशन और तबादले

M/East वार्ड में 2 MHOs और 2 क्लर्क सस्पेंड

237 फर्जी प्रमाणपत्र रद्द

24 वार्ड्स में अधिकारियों का चरणबद्ध तबादला

अंधेरी (K West), दहिसर (R North), भायखला (E Ward) में कार्रवाई शुरू

राजनीतिक हलचल भी तेज

इस मामले को लेकर बीजेपी नेता किरिट सोमैया ने आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो मामला कोर्ट तक ले जाया जाएगा।

कैसे हुआ खुलासा?

यह घोटाला उस समय उजागर हुआ जब मुंबई में अवैध नागरिकों की पहचान के लिए अभियान चलाया जा रहा था। मेयर रीतु तावड़े के निर्देश पर शुरू हुई सख्ती ने इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं।

आपके मन में उठ रहे सवाल

इस बड़े खुलासे के बाद हर नागरिक के मन में कई सवाल उठ रहे हैं:

  • क्या सरकारी दस्तावेज अब सुरक्षित हैं?

  • क्या इस तरह की गड़बड़ी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है?

  • जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या सख्त कार्रवाई होगी?

  • क्या अन्य शहरों में भी ऐसे मामले हो सकते हैं?

Q1. कितने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी हुए?

Q2. यह घोटाला कब हुआ?

Q3. किस विभाग ने जांच की?

Q4. क्या कार्रवाई हुई है?

Q5. आगे क्या होगा?

अब आपकी बारी!

  • इस बड़े खुलासे पर आपकी क्या राय है?

  • क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों पर सख्त कानून बनना चाहिए?

👇 नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर साझा करें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार!

सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

👍 Support करें – Like | Share | Follow

🔔 ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page