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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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मन की बात में सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ से स्वच्छता तक पीएम मोदी का संदेश

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
27 सित॰
3 मिनट पठन
मोदी माइक पर; मन की बात 138वां एपिसोड, स्वच्छता-जनगणना-खेल के कोलाज और तिरंगा पृष्ठभूमि

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com नई दिल्ली, 27 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ, जनगणना-2027, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं की तलाश, स्थानीय उत्पादों, पोषण और सांस्कृतिक विरासत सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में नागरिकों और स्थानीय समुदायों की ओर से किए जा रहे सामाजिक एवं जनभागीदारी के प्रयासों को भी रेखांकित किया।


सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे होने का उल्लेख


प्रधानमंत्री मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख किया। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति से जुड़ी महत्वपूर्ण घटना बताया और कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी नीति को विभिन्न कार्रवाइयों के माध्यम से स्पष्ट किया है। आधिकारिक भाषण में उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक उदाहरण बताया।


जनगणना को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी


प्रधानमंत्री ने जनगणना-2027 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पहले चरण में देशभर में 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की और स्व-गणना की डिजिटल सुविधा का उपयोग करने की बात कही। सरकार के अनुसार जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास संबंधी जानकारी और दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। नागरिकों को पहली बार ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।


स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर


‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता से जुड़े देश के विभिन्न हिस्सों के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने नदियों, तालाबों, कुओं, समुद्र तटों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में युवाओं और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सामाजिक दायित्व है। उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के सबसे सुंदर तरीकों में स्वच्छता को भी शामिल किया।


पर्यावरण संरक्षण में स्थानीय पहल का उल्लेख


प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को केवल पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की सुरक्षा तक सीमित न मानते हुए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न राज्यों में युवाओं और स्थानीय लोगों द्वारा जलस्रोतों तथा समुद्र तटों की सफाई जैसे प्रयासों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, जब एक व्यक्ति पहल करता है और धीरे-धीरे अन्य लोग उससे जुड़ते जाते हैं, तो यह जनभागीदारी का व्यापक रूप ले लेती है।


गांवों से खेल प्रतिभाओं की तलाश पर जोर


प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों से खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की आवश्यकता पर भी बात की। उन्होंने पंजाब के हॉकी प्रशिक्षक राजिंदर सिंह के प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और नई प्रतिभाओं की पहचान करने पर काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, ऐसे प्रयासों से उन क्षेत्रों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, जहां खेल प्रशिक्षण की सुविधाएं सीमित हैं।


प्रतापगढ़ का आंवला बना स्थानीय अर्थव्यवस्था का उदाहरण


‘मन की बात’ में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले का भी उल्लेख हुआ। प्रधानमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में आंवला आधारित प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों से जुड़े उद्यमों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा आंवले से मुरब्बा, मिठाई, रस, अचार और अन्य उत्पाद तैयार किए जाने का उल्लेख किया। ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और ग्रामीण स्तर पर आर्थिक अवसर बढ़ाने की बात भी सामने रखी गई।


पोषण और नशामुक्ति पर भी चर्चा


प्रधानमंत्री ने सितंबर माह में चल रहे पोषण संबंधी अभियानों का उल्लेख करते हुए स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न राज्यों में पोषण वाटिका, मोटे अनाज और स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने वाली पहलों का उल्लेख किया।

इसके अलावा, उन्होंने युवाओं के बीच नशामुक्ति के लिए चल रहे अभियानों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।


सामाजिक और सांस्कृतिक पहलों को मंच


‘मन की बात’ के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही जनभागीदारी की पहलों को सामने रखा। कार्यक्रम में सुरक्षा और जनगणना जैसे राष्ट्रीय मुद्दों के साथ स्वच्छता, पर्यावरण, खेल, पोषण, नशामुक्ति और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े उदाहरणों के जरिए नागरिक भागीदारी पर जोर दिखाई दिया।

प्रधानमंत्री का संदेश मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित रहा कि स्थानीय स्तर पर शुरू की गई छोटी पहल भी सामूहिक भागीदारी से व्यापक सामाजिक अभियान का रूप ले सकती है।

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