top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

भोरड़ा में चिंतामणि पार्श्वनाथ मंदिर पर भव्य ध्वजारोहण, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 30
  • 2 min read
लाभार्थी सिंघवी परिवार, श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम
लाभार्थी सिंघवी परिवार, श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

भोरड़ा (भाद्राजून)। धर्म, आस्था और परंपरा का भव्य संगम उस समय देखने को मिला जब भाद्राजून क्षेत्र के निकटवर्ती भोरड़ा गांव में स्थित श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर में वार्षिकोत्सव के अवसर पर मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण का दिव्य आयोजन किया गया। सुबह की मंगल बेला में मंत्रोच्चार, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ।

श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संघ के प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी ध्वजारोहण समारोह पूरे विधि-विधान और परंपराओं के अनुरूप आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन स्नात्र पूजा, अढ़ारह अभिषेक और सत्तरभेदी पूजा से हुई, जिसे विधिकारक विनयचंद द्वारा मंत्रोच्चार के साथ संपन्न करवाया गया।


इसके पश्चात लाभार्थी सिंघवी परिवार के घर से पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ ध्वजा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में श्री भोरड़ा जैन संघ के श्रावक-श्राविकाओं ने मंगल गीत गाते हुए और नृत्य करते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गांव की गलियों से होते हुए यह ध्वजा मंदिर प्रांगण तक पहुंची, जहां जयकारों और जयघोष के बीच शुभ मुहूर्त में मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण किया गया।

इस दौरान साध्वीजी भगवंत की निश्रा में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने भक्तों के मन में गहरी आस्था और श्रद्धा का संचार किया। ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर परिसर में परमात्मा की आकर्षक अंगरचना की गई और पूरे मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे रात का दृश्य अत्यंत मनमोहक और दिव्य बन गया। रात्रि में प्रभु भक्ति और भजन संध्या के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। इस अवसर पर भवरलाल सालेचा, प्रकाशमल सालेचा, पारसमल सालेचा, कांतिलाल सालेचा, शांतिलाल सिंघवी, पारसमल सिंघवी, वीरचंद सालेचा, रायचंद सालेचा, हीराचंद सालेचा, मीठालाल सालेचा, सुरेश सालेचा, राजेश सालेचा, तेजराज सिंघवी, भेरूलाल सिंघवी, अभिषेक सिंघवी सहित आसपास के गांवों से आए अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण
श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण

आपके मन में उठ रहे सवाल

हाल ही में हुए इस भव्य आयोजन ने कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े किए हैं:

  • क्या इस तरह के धार्मिक आयोजन ग्रामीण संस्कृति को नई पहचान दे रहे हैं?

  • क्या युवा पीढ़ी इन परंपराओं से जुड़ रही है?

  • क्या ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं?

  • क्या स्थानीय स्तर पर पर्यटन और पहचान बढ़ाने में ये कार्यक्रम सहायक हैं?

Q1. ध्वजारोहण का धार्मिक महत्व क्या है?

Q2. इस आयोजन में कौन-कौन से प्रमुख कार्यक्रम हुए?

Q3. ध्वजारोहण किसके द्वारा किया गया?

Q4. क्या यह आयोजन हर वर्ष होता है?

अब आपकी बारी!

इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार|

सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

Support करें – Like | Share | Follow

ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page