बेंगलुरु में WTI 2026 का लोगो लॉन्च, ग्लोबल टेक्सटाइल कारोबार को नई उड़ान
- धन्नाराम चौधरी

- 13 अग॰
- 4 मिनट पठन
30 देशों की भागीदारी की उम्मीद; 1 से 4 अक्टूबर तक KTPO व्हाइटफील्ड में जुटेंगे टेक्सटाइल, अपैरल और फैशन जगत के दिग्गज

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 12 अगस्त 2026 बेंगलुरु में वर्ल्ड टेक्सटाइल इंडिया 2026 के पहले चैप्टर की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल के तहत बुधवार को WTI 2026 का लोगो प्रदर्शित किया गया। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन 1 से 4 अक्टूबर 2026 तक कर्नाटक ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइज़ेशन (KTPO), व्हाइटफील्ड, बेंगलुरु में आयोजित होगा।
वर्ल्ड टेक्सटाइल इंडिया 2026 का लक्ष्य भारतीय टेक्सटाइल, अपैरल, फैशन, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, ब्रांड्स, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ना है। आयोजन में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर, एक्सपोर्टर, डिजाइनर, ब्रांड, उद्यमी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों के मुताबिक करीब 30 देशों की भागीदारी संभावित है, जिससे बेंगलुरु चैप्टर को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्किंग के लिहाज से महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
लोगो अनावरण को भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया गया। आयोजकों का कहना है कि WTI 2026 केवल पारंपरिक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य व्यापार, नवाचार, निर्यात, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार करना है।
बेंगलुरु क्यों बना पहला केंद्र?

आयोजकों के अनुसार बेंगलुरु को पहले चैप्टर के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि शहर में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, उद्यमिता और वैश्विक व्यापार का मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है। दक्षिण भारत के प्रमुख कारोबारी केंद्र के रूप में बेंगलुरु भारतीय टेक्सटाइल व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और ब्रांड्स से जोड़ने के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध करा सकता है।
चार दिवसीय वर्ल्ड टेक्सटाइल इंडिया 2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के साथ विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान और वियतनाम सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों से उद्योग प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद जताई गई है।
फैशन शो में डिजाइन प्रतिभा को मिलेगा मंच
WTI 2026 की प्रमुख विशेषताओं में अंतरराष्ट्रीय फैशन शो भी शामिल है। आयोजकों के अनुसार इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹5 लाख तथा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ डिजाइनर का सम्मान दिया जाएगा। इसके अलावा संस्थागत फैशन शो में ₹1 लाख के प्रथम पुरस्कार के साथ भारतीय डिजाइन प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से अनुभवी डिजाइनरों के साथ उभरती प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन इंटरनेशनल समिट भी होंगे
एक्सपो के दौरान टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर तीन इंटरनेशनल समिट आयोजित किए जाने की योजना है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार से जुड़े प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, उद्यमियों और अन्य हितधारकों की भागीदारी प्रस्तावित है।
इन समिट का उद्देश्य टेक्सटाइल उद्योग के भविष्य, व्यापार विस्तार, नवाचार, निर्यात, बाजार पहुंच और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर संवाद को बढ़ावा देना है। इससे उद्योग से जुड़े प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के विचार जानने और संभावित कारोबारी साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल सकता है।
WTI को वैश्विक कारोबारी श्रृंखला से जोड़ने की तैयारी

आयोजकों के अनुसार वर्ल्ड टेक्सटाइल इंडिया 2026 को एक बार होने वाले आयोजन के बजाय निरंतर चलने वाले वैश्विक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की योजना है। बेंगलुरु चैप्टर में चयनित उद्यमियों और ब्रांड्स को 2026 और 2027 के दौरान UAE, मलेशिया और कनाडा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय एक्सपो से जोड़ने की योजना बताई गई है।
इस पहल से भारतीय कंपनियों को नए बाजारों की तलाश, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और निर्यात विस्तार के अवसर मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए वैश्विक खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
के. एच. मुनियप्पा ने बताया महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम में कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने कहा कि वर्ल्ड टेक्सटाइल इंडिया 2026 भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र की क्षमता को वैश्विक अवसरों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बेंगलुरु के तकनीकी, औद्योगिक और उद्यमिता इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए उपयुक्त बताते हुए कहा कि ऐसी पहलें टेक्सटाइल उद्यमियों, निर्माताओं, डिजाइनरों और निर्यातकों के लिए नए रास्ते खोल सकती हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अब्दुल रशीद (सेवानिवृत्त IPS) ने कहा कि WTI का उद्देश्य भारतीय टेक्सटाइल व्यवसाय को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि करीब 30 देशों की संभावित भागीदारी के साथ बेंगलुरु चैप्टर कारोबारियों, निर्यातकों, डिजाइनरों और ब्रांड्स के लिए नए संपर्क और विकास के अवसर तैयार कर सकता है।
ट्रेड एंड फैसिलिटेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. वेम्पल्ली अमानुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुविधा को WTI की प्रमुख प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग के पास वैश्विक स्तर पर विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं और यह मंच कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स, खरीदारों तथा व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास करेगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय निदेशक-विकास एवं सुविधा डॉ. सांबा शिवा, दक्षिण प्रभाग के प्रभागीय अध्यक्ष अरविंद गोविंदप्पा, दक्षिण भारत के क्षेत्रीय अध्यक्ष-विकास एवं स्थापना एम. जयशंकर, तकनीकी सुविधा एवं अनुसंधान के राष्ट्रीय निदेशक नवीन कुमार तथा उद्योग अनुसंधान एवं विकास महासंघ के दक्षिण प्रभाग के राष्ट्रीय निदेशक-व्यापार सुविधा मंजूनाथ आचार्य सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बेंगलुरु से वैश्विक टेक्सटाइल बाजार तक नई कनेक्टिविटी
लोगो अनावरण के साथ वर्ल्ड टेक्सटाइल इंडिया 2026 ने अपने पहले चैप्टर की औपचारिक तैयारियों को गति दी है। आयोजन के जरिए भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग को व्यापार, डिजाइन, तकनीक, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
1 से 4 अक्टूबर तक प्रस्तावित यह आयोजन बेंगलुरु को टेक्सटाइल कारोबार के एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मिलन-बिंदु के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम हो सकता है। अब उद्योग जगत की नजरें अक्टूबर में होने वाले WTI 2026 चैप्टर पर हैं, जहां भारतीय कंपनियों और वैश्विक बाजार के बीच नए कारोबारी संपर्क बनने की उम्मीद है।
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