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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

06 नवंबर /2026 /शुक्रवार

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

रांची, 5 नवंबर 2026। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए दावा किया है कि देश के 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संकेत का इंतजार कर रहे हैं और उनके आह्वान पर सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने युवाओं, किसानों, दलितों, छात्रों और मध्यवर्ग की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो देश में गंभीर राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

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बेंगलुरु के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, मेट्रो फीडर बसों और एकल टिकट व्यवस्था पर जोर

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
30 अक्टू॰
3 मिनट पठन
बेंगलुरु में शहरी विकास, मेट्रो फीडर बस सेवा, सड़क मरम्मत नीति और नौ नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना पर आयोजित प्राधिकरण की बैठक।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता सागर चौधरी बेंगलुरु, 30 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को देखते हुए शहर में पेयजल, सड़क संपर्क, जल निकासी, सीवेज प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने शुक्रवार को विकास सौध में आयोजित बेंगलुरु प्राधिकरण की चौथी कार्यकारी समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में समयबद्ध योजनाएं तैयार कर लागू करने के निर्देश दिए।


मंत्री ने कहा कि बेंगलुरु का विस्तार तेजी से हो रहा है। ऐसे में शहर के सुनियोजित विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चरणों में पूरा किया जाए। ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के दायरे से बाहर के क्षेत्रों में भी व्यापक योजना के अनुरूप मौजूदा सड़कों का विकास और नई सड़कों का निर्माण किया जाना चाहिए।


सीवेज शोधन और झीलों के पुनर्भरण पर जोर


बैठक में सीवेज के शोधन और पुनः उपयोग से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि कोरमंगला-चल्लाघट्टा घाटी में के.सी. वैली परियोजना तथा वृषभावती घाटी परियोजना के माध्यम से उपचारित जल का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों की झीलों के पुनर्भरण के लिए किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत चिक्कबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण एवं शहरी जिलों के चुनिंदा क्षेत्रों, रामनगर और तुमकुर जिले की झीलों तक उपचारित जल पहुंचाने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया। मंत्री के अनुसार, येलहंका और जक्कुर झीलों के पुनर्भरण से स्थानीय भूजल स्तर में वृद्धि के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने शहर में सीवेज शोधन और जल पुनर्चक्रण के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने तथा उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।


सड़क खोदने वाले विभाग की होगी मरम्मत की जिम्मेदारी


शहर में बार-बार सड़कों की खुदाई और उसके बाद उचित मरम्मत नहीं होने से नागरिकों को होने वाली परेशानी पर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) सहित विभिन्न विभागों और एजेंसियों द्वारा पाइपलाइन, सीवरेज तथा अन्य कार्यों के लिए सड़कें खोदी जाती हैं, लेकिन कई बार उनकी मरम्मत व्यवस्थित तरीके से नहीं होती। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने एक समान नीति लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत जिस विभाग या एजेंसी द्वारा सड़क की खुदाई की जाएगी, उसी पर सड़क को पूरी तरह बहाल करने की जिम्मेदारी तय की जाएगी। नीति में मरम्मत की गुणवत्ता, पुनर्निर्माण की लागत, नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और बार-बार होने वाली खुदाई को रोकने की प्रक्रिया भी शामिल होगी।


मेट्रो यात्रियों को मिलेगी फीडर बस और एकल टिकट की सुविधा


सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से मेट्रो स्टेशनों तक फीडर बस सेवा मजबूत करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने बीएमटीसी को निर्देश दिया कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास दो से तीन किलोमीटर के दायरे में जीपीएस आधारित फीडर बसें संचालित की जाएं।

उन्होंने बसों के लिए निर्धारित मार्ग तय करने और बिना उचित कारण उनमें बदलाव नहीं करने की बात कही। विशेष रूप से बाहरी रिंग रोड को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने वाली फीडर सेवा को प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

बैठक में बीएमटीसी के हाल ही में जारी 'बीएमटीसी 2.0' मोबाइल ऐप का भी उल्लेख किया गया। इसके माध्यम से मेट्रो और बीएमटीसी की यात्रा के लिए एक ही स्थान पर टिकट बुक करने की सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। भविष्य में इस व्यवस्था के साथ निजी ऑटो और टैक्सी सेवाओं को भी जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को एकीकृत परिवहन सुविधा मिल सके।


जीबीए क्षेत्र में नौ नए फायर स्टेशन स्थापित करने की अनुमति


शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जीबीए के अंतर्गत नौ नए अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की अनुमति भी दी गई। जानकारी के अनुसार, जीबीए के पांच नगर निगमों में पहले से 20 अग्निशमन इकाइयां हैं। इनके अतिरिक्त नौ नई इकाइयों की स्थापना की दिशा में कदम उठाया जाएगा। मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने अधिकारियों को आवासीय, व्यावसायिक और जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनका मानचित्रण करने तथा नए फायर स्टेशनों की स्थापना के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।


कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद


बैठक में मुख्य आयुक्त महेश्वर राव, विशेष आयुक्त मुनीश मौदगिल, शिल्पा नाग, नीतीश, जल बोर्ड की अध्यक्ष मंजुला, बीएमआरडीए आयुक्त राजेंद्र चोलन, नगर निगम आयुक्त पोम्माला सुनील कुमार, के.एन. रमेश, जी. जगदीश, डॉ. राजेंद्र के.वी., बीएमटीसी के प्रबंध निदेशक रघुनंदन मूर्ति और बीएसडब्ल्यूएमएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिगौड़ा सहित अग्निशमन विभाग, बेसकॉम, मेट्रो तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों का प्रभाव शहर की बुनियादी सुविधाओं, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा पर निर्भर करेगा। इन योजनाओं को समयबद्ध ढंग से लागू करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी।



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