top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

बिहार में पर्यटन से रोजगार क्रांति! हर साल 4 लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य, मंत्री केदार गुप्ता ने संभालते ही दिखाया ऐक्शन

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 9
  • 4 min read
 बिहार पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य तय किया। bihar-tourism-job-plan-2026.jpg
 बिहार पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य तय किया। bihar-tourism-job-plan-2026.jpg

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना, बिहार | बिहार में पर्यटन क्षेत्र को रोजगार का बड़ा माध्यम बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई रणनीति तैयार कर ली है। पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों में 20 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर साल लगभग 4 लाख युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने विभाग का कार्यभार संभालते ही अधिकारियों को लंबित योजनाओं में तेजी लाने और नई रोजगार आधारित पर्यटन नीति पर काम शुरू करने के निर्देश दिए।

राज्य सरकार की “सात निश्चय-3” योजना के तहत एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य में पर्यटन विभाग की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तय की गई है। ऐसे में पर्यटन विभाग अब रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। विभाग ने जिला स्तर तक संभावनाओं की पहचान कर युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देने की रणनीति बनाई है।

धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों पर रहेगा फोकस

कार्यभार संभालने के बाद मंत्री केदार गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि बिहार के ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा, जिनकी अब तक पर्याप्त चर्चा नहीं हुई है। खासतौर पर धार्मिक पर्यटन को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है।

बिहार पहले से ही बौद्ध, जैन, सिख और हिंदू धार्मिक स्थलों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में सरकार अब इन स्थलों को बेहतर सुविधाओं, प्रचार और निवेश के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है।

इसके साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य वाले क्षेत्रों, झरनों, पहाड़ी इलाकों और ग्रामीण पर्यटन को भी नई योजना में शामिल किया गया है। विभाग का मानना है कि स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देकर गांवों और छोटे शहरों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

कैसे मिलेगा युवाओं को रोजगार?

पर्यटन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यटन आधारित रोजगार की संभावनाओं की पहचान करें। इसके तहत होटल, गेस्ट हाउस, ट्रैवल गाइड, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय हस्तशिल्प, खानपान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और एडवेंचर टूरिज्म जैसे सेक्टरों पर विशेष फोकस रहेगा।

सरकार का दावा है कि युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यानी जिन युवाओं के पास होटल मैनेजमेंट, भाषा ज्ञान, पर्यटन संचालन, डिजिटल मार्केटिंग या लोक संस्कृति से जुड़ा अनुभव होगा, उन्हें उसी क्षेत्र में अवसर देने की योजना बनाई जाएगी।

विशेषज्ञों ने बताया बड़ा अवसर

पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद इस क्षेत्र का विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया। अभी अधिकांश रोजगार असंगठित क्षेत्र में हैं और उनमें स्थायित्व की कमी है। यदि सरकार योजनाबद्ध तरीके से निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करती है तो बिहार देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, धार्मिक पर्यटन सर्किट, बेहतर सड़क और होटल सुविधाएं, डिजिटल प्रमोशन तथा निजी निवेश आने से लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के रास्ते खुल सकते हैं।

क्या है सरकार की नई रणनीति?

  • अगले 5 वर्षों में 20 लाख रोजगार का लक्ष्य

  • हर वर्ष 4 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना

  • जिला स्तर पर पर्यटन सेक्टर की पहचान

  • धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन पर विशेष फोकस

  • कौशल आधारित रोजगार मॉडल लागू होगा

  • लंबित पर्यटन परियोजनाओं को तेज गति से पूरा किया जाएगा

आपके मन में उठ रहे सवाल (Q&A)

Q1. बिहार पर्यटन विभाग कितने रोजगार देने जा रहा है?

पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है, यानी हर साल लगभग 4 लाख रोजगार।

Q2. किन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे?

होटल, ट्रैवल गाइड, परिवहन, धार्मिक पर्यटन, लोक कला, हस्तशिल्प, खानपान और प्राकृतिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ेंगे।

Q3. क्या यह केवल सरकारी नौकरी होगी?

नहीं। इसमें सरकारी, निजी और स्वरोजगार तीनों प्रकार के अवसर शामिल होंगे।

Q4. सरकार किस पर्यटन क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दे रही है?

धार्मिक पर्यटन, प्राकृतिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है।

Q5. युवाओं को कैसे जोड़ा जाएगा?

जिलों में कौशल और पर्यटन संभावनाओं के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ा जाएगा।

राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से क्यों अहम है यह योजना?

बिहार लंबे समय से रोजगार और पलायन की समस्या से जूझता रहा है। ऐसे में पर्यटन आधारित रोजगार मॉडल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। यदि सरकार अपने लक्ष्य के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करती है, तो यह योजना लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का वैज्ञानिक तरीके से विकास होने पर विदेशी पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ सकती है, जिससे राज्य की आय में बड़ा इजाफा संभव है।

निष्कर्ष : बिहार सरकार अब पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे बड़े रोजगार उद्योग के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। मंत्री केदार गुप्ता के कार्यभार संभालते ही विभाग की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य में अहम भूमिका निभा सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह महत्वाकांक्षी योजना जमीन पर उतनी ही तेजी से उतर पाएगी, जितनी तेजी से इसके दावे किए जा रहे हैं।

Source: मीडिया रिपोर्ट, राजनीतिक सूत्र, बिहार पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता प्रेस ब्रीफिंग एवं मीडिया संबोधन।

Keywords : बिहार पर्यटन नौकरियां, बिहार पर्यटन रोजगार योजना, केदार गुप्ता बिहार पर्यटन, बिहार पर्यटन विभाग, बिहार रोजगार समाचार

अब आपकी बारी!

  • क्या आपको लगता है कि बिहार में पर्यटन क्षेत्र रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है?

अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार,

सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए “Bhaarataarth Khabar” से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें।

Support करें – Like | Share | Follow

ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page