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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

25अक्टूबर /2026 /रविवार

पटना, 24 अक्टूबर 2026। बिहार की राजधानी पटना से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम के तहत विमान सेवाओं में बढ़ोतरी की तैयारी की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन 40 जोड़ी उड़ानें संचालित करने की योजना है, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या 36 जोड़ी बताई गई है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

पटना, 24 अक्टूबर 2026। बिहार की राजधानी पटना से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम के तहत विमान सेवाओं में बढ़ोतरी की तैयारी की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन 40 जोड़ी उड़ानें संचालित करने की योजना है, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या 36 जोड़ी बताई गई है।

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प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट हो समाज

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
13 घंटे पहले
2 मिनट पठन
मोदी भाषण देते, उंगली उठाए; पीछे पीएम मोदी का संदेश, विकसित भारत 2047 और तिरंगा-भीड़।

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 24 अक्टूबर 2026

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज में उभरती चुनौतियों का मिलकर सामना करने और देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने नागरिकों को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ने पर जोर दिया।


प्रधानमंत्री ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए ये विचार व्यक्त किए। तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत और विदेशों से 9,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।



युवाओं की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण


प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ देश के सामने नई चुनौतियां और सामाजिक समस्याएं भी सामने आई हैं। इनका समाधान करना समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, आत्मनिर्भर नागरिक और सामाजिक एकता विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर


प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा, आधुनिक विज्ञान और उभरती तकनीकों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने चिन्मय मिशन के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को भारतीय मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना आवश्यक है।


विकसित भारत का लक्ष्य और सामाजिक जिम्मेदारी


प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करना रहा। वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। इसी अवधि में चिन्मय मिशन भी अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।


भारतार्थ खबर का दृष्टिकोण: विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है। सामाजिक सद्भाव, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं के लिए अवसर और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

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