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पैचवर्क सड़कों की पोल: खुदाई के बाद भी बदहाल हालात

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 16 जून
  • 2 मिनट पठन
Excavator lifts rubble from a collapsed road in a busy market street, with onlookers nearby and Hindi text overlaid.

भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)


बेंगलूरु। शहर की सड़कों पर बार-बार किए जा रहे पैचवर्क की हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि मरम्मत के नाम पर बनाई गई सड़क को कुछ ही समय बाद फिर से खोद दिया गया, जिससे आमजन को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।


घटना बेंगलूरु शहर के चिकपेट- मामूली पेट रोड एक व्यस्त बाजार क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां सड़क निर्माण के बाद पाइपलाइन या अन्य भूमिगत कार्यों के लिए जेसीबी मशीन से गहरी खुदाई की जा रही है। तस्वीरों में मजदूर संकरी खाई में काम करते नजर आ रहे हैं, जबकि आसपास दुकानदार और राहगीर इस अव्यवस्था से परेशान दिखाई देते हैं। खुदाई के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है और लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले सड़क बनाई जाती है और कुछ ही दिनों में उसे दोबारा खोद दिया जाता है। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होती है, बल्कि धूल, कीचड़ और जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। दुकानदारों ने बताया कि ऐसे हालात में उनका व्यापार भी प्रभावित होता है, क्योंकि ग्राहक रास्ता खराब होने के कारण दुकान तक नहीं पहुंच पाते।


विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी इस समस्या का मुख्य कारण है। यदि सड़क निर्माण से पहले ही सभी आवश्यक भूमिगत कार्यों की योजना बना ली जाए, तो बार-बार खुदाई की नौबत नहीं आएगी।


नगर निगम और संबंधित विभागों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें और निर्माण कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि आमजन को राहत मिल सके और शहर की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार हो।

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