कर्नाटक में 39 हजार करोड़ का ‘कचरा घोटाला’? BJP ने मांगी CBI जांच
- धन्ना राम चौधरी

- 13 जून
- 3 मिनट पठन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडर पर सियासी संग्राम तेज, डीके शिवकुमार पर भाजपा का बड़ा हमला

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलुरु | 13 जून, 2026| कर्नाटक की राजनीति में ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ निविदा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करीब 39 हजार करोड़ रुपये के कथित कचरा प्रबंधन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग कर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है और भाजपा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सीधे निशाने पर ले लिया है।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का इस कथित घोटाले से कोई संबंध नहीं है, तो मामले को तुरंत सीबीआई को सौंप देना चाहिए। भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री को “मुख्य आयोग मंत्री” बताते हुए कहा कि जनता के सामने सफाई देने के बजाय सरकार को निष्पक्ष जांच के आदेश देने चाहिए।
आर. अशोक ने दावा किया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडर की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और करोड़ों रुपये की कथित रिश्वतखोरी की गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई केवल स्वतंत्र एजेंसी की जांच से ही सामने आ सकती है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि वह स्वयं इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
इस विवाद को और हवा तब मिली जब केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी इस निविदा में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह कर्नाटक के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक हो सकता है।
वहीं मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। शिवकुमार ने आर. अशोक पर “कचरा माफिया का एजेंट” होने तक का आरोप लगाया और कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक ईर्ष्या का परिणाम है।
सियासी गलियारों में अब यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बन चुका है। विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो इससे राज्य की राजनीति में बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल जनता की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि सरकार CBI जांच की मांग को स्वीकार करती है या नहीं।
Fact Box
- मामला: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निविदा विवाद
- कथित राशि: 39,000 करोड़ रुपये
- भाजपा की मांग: CBI जांच
- मुख्य आरोप: भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी
- विपक्ष के नेता: आर. अशोक
- मुख्यमंत्री: डीके शिवकुमार
FAQ Section
सवाल 1: कर्नाटक में किस घोटाले को लेकर विवाद हुआ है?
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर विवाद हुआ है।
सवाल 2: भाजपा ने क्या मांग की है?
भाजपा ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।
सवाल 3: आर. अशोक ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी हुई है।
सवाल 4: डीके शिवकुमार ने आरोपों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए भाजपा पर पलटवार किया।
सवाल 5: एचडी कुमारस्वामी ने क्या दावा किया?
उन्होंने इसे कर्नाटक के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया।
निष्कर्ष: कर्नाटक का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडर विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। भाजपा लगातार CBI जांच की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।
News Source: भाजपा बयान, सरकारी प्रतिक्रिया एवं मीडिया रिपोर्ट्स
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