नेपाल में सत्ता परिवर्तन के 24 घंटे में बड़ा एक्शन: पूर्व पीएम ओली गिरफ्तार, देश में सियासी भूचाल
- धन्ना राम चौधरी

- 28 मार्च
- 2 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 18 अप्रैल
छात्र आंदोलन में मौतों के मामले में नई सरकार की सख्ती, पूर्व गृहमंत्री भी हिरासत में

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया है। नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे के भीतर ही बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के निर्देश पर की गई है, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है। सरकार के इस कदम को हाल के छात्र आंदोलन के दौरान हुई मौतों से जुड़े गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इसी मामले में पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।
छात्र आंदोलन बना कार्रवाई का आधार
जानकारी के अनुसार, हाल ही में नेपाल में हुए जेन-जी छात्र प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पों में कई निहत्थे छात्रों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था। मामले की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी हुई थी, जिसके लिए उच्च स्तर पर लिए गए निर्णयों को जिम्मेदार ठहराया गया। रिपोर्ट सामने आते ही नई सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, सबसे पहले तड़के पूर्व गृहमंत्री को हिरासत में लिया गया, जिसके कुछ ही समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा फैसला
प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली ही कैबिनेट बैठक में इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि छात्र मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ बिना किसी देरी के कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कितने ही बड़े पद पर क्यों न रहे हों। सरकार के इस सख्त रुख को पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों पर भी उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में केवल राजनीतिक नेतृत्व ही नहीं, बल्कि नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि अभी तक सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एक नई उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
देश में सियासी हलचल तेज
पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के बाद नेपाल की राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस कार्रवाई पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां कुछ दल इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहा है। नेपाल में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद इतनी बड़ी कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि नई सरकार कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और इसके राजनीतिक प्रभाव पर पूरे दक्षिण एशिया की नजर बनी
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