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तमिलनाडु में सत्ता का महासंग्राम! 108 सीटें जीतकर भी सीएम नहीं बन पाएंगे विजय? DMK-AIADMK की ‘गुप्त चाल’ से बढ़ा सस्पेंस

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 7
  • 4 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चेन्नई। Tamil Nadu Elections 2026: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने टीवीके (TVK) प्रमुख विजय ने अपने पहले ही चुनाव में इतिहास रचते हुए 108 सीटें जीत लीं और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे। लेकिन सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने का उनका रास्ता अब भी आसान नहीं दिख रहा। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद विजय बहुमत के आंकड़े से दूर हैं, जबकि दूसरी ओर वर्षों से कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे DMK और AIADMK के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं ने सियासी हलचल और तेज कर दी है। राज्यपाल से मुलाकात, रिसॉर्ट पॉलिटिक्स, बहुमत परीक्षण और जोड़-तोड़ के आरोपों के बीच तमिलनाडु की राजनीति में अब हर पल नया मोड़ आ रहा है।

पहली बार चुनाव, पहली बार धमाका… लेकिन सत्ता अब भी दूर

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में टीवीके प्रमुख विजय ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। पहली बार पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरे विजय ने 108 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव हासिल किया। लेकिन तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 117 सीटों की जरूरत है। विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है, ऐसे में एक सीट छोड़ने के बाद टीवीके के पास 107 विधायक ही बचेंगे। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद भी यह आंकड़ा सिर्फ 112 तक पहुंचता है। यानी सरकार बनाने के लिए अब भी 5 और विधायकों की जरूरत है।

राज्यपाल से मिले विजय, लेकिन नहीं मिला स्पष्ट संकेत

कांग्रेस का समर्थन पत्र लेकर टीवीके प्रमुख विजय बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, राजभवन से अब तक सरकार गठन को लेकर कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल विजय के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने बहुमत साबित करने पर जोर दिया है। इसी वजह से शपथ ग्रहण को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

DMK और AIADMK की नजदीकियों ने बढ़ाई बेचैनी

तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा ट्विस्ट उस वक्त आया जब यह चर्चा शुरू हुई कि अब तक एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे DMK और AIADMK सत्ता में विजय को रोकने के लिए साथ आ सकते हैं। हालांकि दोनों दलों ने आधिकारिक तौर पर इस पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह गठजोड़ होता है तो तमिलनाडु की राजनीति में यह सबसे बड़ा रणनीतिक बदलाव साबित हो सकता है।

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की एंट्री, पुडुचेरी भेजे गए विधायक

राजनीतिक अस्थिरता के बीच AIADMK के नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में भेजे जाने की खबर ने सियासी पारा और बढ़ा दिया है। हालांकि कितने विधायक वहां पहुंचे हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इसे संभावित टूट-फूट और खरीद-फरोख्त की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

तमिलनाडु में “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” की एंट्री ने पूरे घटनाक्रम को और नाटकीय बना दिया है।

कांग्रेस के समर्थन से DMK नाराज

टीवीके को कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद DMK खुलकर नाराज नजर आ रही है। DMK प्रवक्ता सरवनन अनादुरई ने कांग्रेस के फैसले को “जनादेश के साथ विश्वासघात” बताया। उनका कहना है कि जनता ने DMK गठबंधन को वोट दिया था, लेकिन कांग्रेस ने अचानक पाला बदल लिया। DMK नेता टीआर बालू ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने अपना “असली चेहरा” दिखा दिया है।

TVK को अभी किन दलों के समर्थन की जरूरत?

सरकार बनाने के लिए टीवीके अब VCK, वामपंथी दलों और IUML जैसे दलों से समर्थन मांग रही है। हालांकि अभी तक किसी भी दल ने खुलकर समर्थन देने की घोषणा नहीं की है। ऐसे में विजय की सरकार बनने पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यदि पर्याप्त समर्थन नहीं मिला तो तमिलनाडु में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ सकती है।

जनता के मन में उठ रहे बड़े सवाल

हालिया घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • क्या 108 सीटें जीतने के बाद भी विजय मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे?

  • क्या DMK और AIADMK सच में साथ आ सकते हैं?

  • क्या राज्यपाल बहुमत साबित करने तक सरकार गठन रोक सकते हैं?

  • क्या तमिलनाडु में फिर से “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” देखने को मिलेगी?

  • कांग्रेस के समर्थन का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

Q1. विजय की पार्टी TVK को कितनी सीटें मिली हैं?

Q2. बहुमत के लिए कितनी सीटों की जरूरत है?

Q3. कांग्रेस ने क्या फैसला लिया है?

Q4. क्या DMK और AIADMK गठबंधन कर सकते हैं?

Q5. राज्यपाल ने क्या कहा?

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निष्कर्ष : तमिलनाडु चुनाव में TVK प्रमुख विजय सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे, लेकिन बहुमत से दूर हैं। DMK-AIADMK गठबंधन और रिसॉर्ट पॉलिटिक्स ने बढ़ाया सियासी तनाव।

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