टेक-ऑफ से पहले इंडिगो फ्लाइट में धुआं, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा; 230 से ज्यादा यात्री सुरक्षित निकाले गए
- धन्ना राम चौधरी

- 27 मई
- 4 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलुरु, कर्नाटक | 27 मई 2026 | IndiGo की चेन्नई जाने वाली एक उड़ान में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टेक-ऑफ से पहले विमान के कॉकपिट और केबिन में अचानक धुआं भरने लगा। यह घटना Kempegowda International Airport पर हुई, जहां त्वरित कार्रवाई के चलते 230 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आपातकालीन निकासी के दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने विमान को अगली जांच तक उड़ान भरने से रोक दिया है। विमान में धुआं दिखाई देने के बाद एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
क्या हुआ था इंडिगो फ्लाइट 6E 6017 में?
एयरलाइन के अनुसार, 26 मई 2026 को बेंगलुरु से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 6017 रनवे की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान विमान के कॉकपिट और यात्री केबिन में धुआं दिखाई दिया। स्थिति को गंभीर मानते हुए चालक दल ने तत्काल आपातकालीन प्रक्रिया शुरू की।
DGCA के प्रारंभिक बयान के मुताबिक, यह विमान एयरबस A321 मॉडल (VT-IME) था। धुआं दिखाई देने के बाद सभी आपातकालीन स्लाइड सक्रिय की गईं और यात्रियों को तेजी से बाहर निकाला गया।
230 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
एयरपोर्ट अधिकारियों और एयरलाइन स्टाफ की मदद से 230 से अधिक यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित टर्मिनल तक पहुंचाया गया। आपातकालीन निकासी के दौरान दो यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं दिखने के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों में घबराहट का माहौल बन गया था, लेकिन चालक दल और ग्राउंड स्टाफ ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
इंडिगो ने क्या कहा?
इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि सुरक्षा एयरलाइन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन के अनुसार:
सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
यात्रियों को तुरंत टर्मिनल भवन में ले जाया गया।
एयरलाइन स्टाफ यात्रियों की सहायता और देखभाल में जुटा रहा।
चेन्नई जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई।
एयरलाइन ने कहा कि घटना की जानकारी सभी संबंधित विमानन अधिकारियों को तुरंत दे दी गई थी।
DGCA ने शुरू की जांच
DGCA ने इस घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि धुआं तकनीकी खराबी, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट या किसी अन्य कारण से उत्पन्न हुआ था।
विमान को फिलहाल “ग्राउंडेड” कर दिया गया है, यानी तकनीकी जांच पूरी होने तक उसे उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में कॉकपिट और केबिन में धुआं दिखना गंभीर सुरक्षा संकेत माना जाता है और हर स्तर पर जांच जरूरी होती है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल ने कैसे टाला बड़ा हादसा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, विमानन क्षेत्र में आपातकालीन निकासी प्रक्रिया का नियमित प्रशिक्षण ही ऐसी परिस्थितियों में बड़ा फर्क पैदा करता है। इस मामले में चालक दल द्वारा समय पर लिया गया फैसला और एयरपोर्ट इमरजेंसी टीम की तत्परता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम साबित हुई।
हाल के वर्षों में भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर निगरानी और सख्ती बढ़ाई गई है। DGCA द्वारा हर तकनीकी घटना की विस्तृत जांच इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना
घटना के बाद एयरपोर्ट से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल Media प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने लगीं। कई यात्रियों ने एयरलाइन स्टाफ की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की, जबकि कुछ यात्रियों ने घटना के दौरान हुए तनाव और घबराहट का अनुभव साझा किया।
तथ्यों की जांच:अब तक क्या पुष्टि हुई है?
इंडिगो फ्लाइट 6E 6017 बेंगलुरु से चेन्नई जा रही थी।
टेक-ऑफ से पहले विमान में धुआं देखा गया।
230 से अधिक यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित निकाला गया।
दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं।
DGCA ने जांच शुरू कर विमान को फिलहाल उड़ान से रोका है।
Q&A: आपके मन के अहम सवाल
Q1. घटना कहां हुई?
यह घटना बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई।
Q2. कौन सी फ्लाइट प्रभावित हुई?
इंडिगो की फ्लाइट 6E 6017, जो चेन्नई जा रही थी।
Q3. क्या कोई बड़ा हादसा हुआ?
नहीं, सभी यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
Q4. कितने लोग विमान में थे?
230 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य विमान में मौजूद थे।
Q5. DGCA ने क्या कार्रवाई की?
DGCA ने विमान को जांच पूरी होने तक उड़ान भरने से रोक दिया है और विस्तृत जांच शुरू की है।
निष्कर्ष: बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में धुआं भरने की घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। समय रहते अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल और चालक दल की सतर्कता ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। अब सभी की नजर DGCA की जांच रिपोर्ट पर रहेगी, जिससे घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे। विमानन विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी घटनाएं सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता को और मजबूत करती हैं।
स्रोत: IndiGo की आधिकारिक वेबसाइट, DGCA India की आधिकारिक वेबसाइट, केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बेंगलुरु
मुख्य शब्द: IndiGo फ़्लाइट में धुआँ, बेंगलुरु हवाई अड्डा समाचार, IndiGo की आपातकालीन लैंडिंग, DGCA जाँच, भारत में विमान सुरक्षा
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