जंतर-मंतर स्याहीकांड: महिला ने खुद लिया जिम्मेदारी का दावा, पुलिस की पुष्टि बाकी
- धन्नाराम चौधरी

- 20 जुल॰
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भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)नई दिल्ली | 20 जुलाई, 2026 दिल्ली के जंतर-मंतर स्याहीकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद एक महिला ने सोशल मीडिया पर स्वयं इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अभी तक न तो महिला के दावे की पुष्टि की है और न ही उसके द्वारा बताए गए कारणों को आधिकारिक रूप से सही ठहराया है। मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर स्वयं को बरखा त्रेहन बताने वाली महिला ने दावा किया कि CJP के मंच से भगवान श्रीराम का अपमान किया गया था और उस दौरान अभिजीत दीपके हंस रहे थे। महिला ने स्वयं को "कट्टर हिंदू" बताते हुए लिखा कि उसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और इसी कारण उसने विरोध स्वरूप स्याही फेंकी।
महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उसने यह कदम भगवान श्रीराम के सम्मान की भावना से उठाया और उसे अपने इस कार्य पर गर्व है। पोस्ट के अंत में उसने "जय हिंद" और "जय श्रीराम" के नारे भी लिखे।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। एक वर्ग महिला के दावे का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल उठा रहा है। इस बीच पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों, वीडियो फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि सोशल मीडिया पोस्ट वास्तव में उसी महिला का है जिसने स्याही फेंकी थी। न ही पुलिस ने घटना के पीछे बताए गए धार्मिक कारणों को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है।
ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष केवल जांच पूरी होने और पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही सामने आएगा। इसलिए किसी भी दावे या सोशल मीडिया पोस्ट को अंतिम सत्य मानने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना आवश्यक है।
सोशल मीडिया पोस्ट में खुद को बताया 'कट्टर हिंदू', घटना के पीछे धार्मिक भावनाएं आहत होने का किया दावा; दिल्ली पुलिस जांच में जुटी
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