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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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छह महीने राशन नहीं लिया तो कार्ड हो सकता है निष्क्रिय

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
8 सित॰
3 मिनट पठन
राशन दुकान पर भीड़, अनाज बांटता दुकानदार, हाथ में राशन कार्ड, थैलों में चावल-दाल; चिंतित महिला।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026। राशन कार्ड धारकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से लगातार छह महीने तक अपने खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभार्थियों के राशन कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। केंद्र सरकार के संशोधित लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) नियंत्रण आदेश में ऐसे लाभार्थियों के कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने और इसके बाद ई-केवाईसी के माध्यम से पात्रता का पुनर्मूल्यांकन करने का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार, “साइलेंट राशन कार्ड” और डुप्लिकेट लाभार्थियों के लिए जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत अस्थायी निष्क्रियता के बाद तीन महीने की ई-केवाईसी पुनर्वैधीकरण अवधि उपलब्ध रहेगी। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से SMART-PDS में लागू की जाएगी।


किसके कार्ड पर हो सकती है कार्रवाई?


ऐसे लाभार्थी इस प्रक्रिया के दायरे में आ सकते हैं, जिन्होंने पिछले छह महीनों में अपने राशन कार्ड पर मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ नहीं उठाया है। केंद्र के नियम के अनुसार राज्य सरकारों को ऐसे कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने के बाद अगले तीन महीनों में फील्ड सत्यापन और ई-केवाईसी के जरिए लाभार्थी की पात्रता की दोबारा जांच करनी होगी।

इसका उद्देश्य लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे कार्डों, डुप्लिकेट लाभार्थियों और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान कर सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।


1 अक्टूबर से SMART-PDS में लागू होगी व्यवस्था


खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई SOP के तहत साइलेंट कार्डों की अस्थायी निष्क्रियता और उसके बाद ई-केवाईसी से पुनर्वैधीकरण की सुविधा 1 अक्टूबर 2026 से SMART-PDS में सक्रिय होगी।

इसका अर्थ यह नहीं है कि हर ऐसा राशन कार्ड स्थायी रूप से रद्द हो जाएगा। नियम में अस्थायी निष्क्रियता के बाद लाभार्थी को अपनी पहचान और पात्रता साबित करने का अवसर दिया गया है।


21 सितंबर की तारीख को लेकर राज्यवार स्थिति देखें


कुछ राज्यों में छह महीने से राशन नहीं लेने वाले “साइलेंट कार्डधारकों” को 21 सितंबर तक राशन उठाने की समयसीमा बताई गई है। उदाहरण के तौर पर झारखंड में 21 सितंबर 2026 तक राशन उठाने और उसके बाद 1 अक्टूबर से ऐसे कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई है।

इसलिए राशन कार्ड धारकों को यह समझना जरूरी है कि 21 सितंबर की तारीख सभी राज्यों के लिए समान अंतिम तारीख मानना उचित नहीं होगा। अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अथवा अधिकृत PDS दुकान से स्थानीय समयसीमा की पुष्टि करना बेहतर होगा।


कार्ड निष्क्रिय हुआ तो क्या होगा?


यदि किसी पात्र लाभार्थी का कार्ड इस प्रक्रिया के तहत अस्थायी रूप से निष्क्रिय होता है, तो उसके लिए ई-केवाईसी और फील्ड सत्यापन का अवसर रहेगा। संबंधित राज्य सरकार पात्रता की दोबारा जांच कर उचित कार्रवाई कर सकती है।

इसलिए जिन परिवारों ने लंबे समय से राशन नहीं लिया है, उन्हें अपने राशन कार्ड की स्थिति जांचनी चाहिए। परिवार के सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी है या नहीं, इसकी भी पुष्टि करना जरूरी है।


नियमित राशन लेने वालों को घबराने की जरूरत नहीं


जो पात्र लाभार्थी नियमित रूप से PDS दुकान से अपना राशन प्राप्त कर रहे हैं, उनके लिए इस विशेष “साइलेंट कार्ड” प्रक्रिया को लेकर सामान्यतः चिंता का कारण नहीं है। कार्रवाई मुख्य रूप से लंबे समय से अपने निर्धारित खाद्यान्न अधिकार का उपयोग नहीं करने वाले कार्डों की समीक्षा से जुड़ी है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने यह भी बताया है कि 30 जुलाई 2026 तक राशन कार्ड लाभार्थियों की ई-केवाईसी कवरेज 90.64 प्रतिशत थी। विभाग लगातार राशन कार्ड डेटा को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।


सोशल मीडिया के संदेशों पर न करें भरोसा


राशन कार्ड को लेकर सोशल मीडिया पर “कार्ड हमेशा के लिए रद्द” होने जैसी सूचनाएं प्रसारित हो सकती हैं। ऐसे संदेशों पर बिना पुष्टि के भरोसा करने के बजाय लाभार्थियों को अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, अधिकृत राशन दुकान या सरकारी पोर्टल से कार्ड की वास्तविक स्थिति जांचनी चाहिए।

खास तौर पर किसी अनजान व्यक्ति को आधार, राशन कार्ड या बैंक संबंधी दस्तावेज सौंपने से बचें। किसी भी ई-केवाईसी या सत्यापन प्रक्रिया को अधिकृत माध्यम से ही पूरा करें।

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