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कोलंबो एयरपोर्ट पर ‘चोले’ के पीछे छिपा काला सच: 22 भिक्षु गिरफ्तार, 110 किलो ड्रग्स बरामद

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 29 अप्रैल
  • 3 मिनट पठन
कोलंबो हवाई अड्डे पर ड्रग्स का भंडाफोड़: सामान में छिपाकर रखी गई गांजा के साथ बौद्ध भिक्षुओं को गिरफ्तार किया गया
कोलंबो हवाई अड्डे पर ड्रग्स का भंडाफोड़: सामान में छिपाकर रखी गई गांजा के साथ बौद्ध भिक्षुओं को गिरफ्तार किया गया

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलंबो से सनसनीखेज खुलासा:

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से सामने आई इस चौंकाने वाली घटना ने पूरे देश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मचा दी है। समाज को मार्गदर्शन देने वाले पवित्र भिक्षु वेश के पीछे छिपा एक बड़ा ‘काला धंधा’ उजागर हुआ है। बंदरानायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की सतर्कता ने 110 किलोग्राम हाई-ग्रेड कैनाबिस की बड़ी खेप पकड़कर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की आशंका को जन्म दे दिया है। इस कार्रवाई में 22 बौद्ध भिक्षुओं की गिरफ्तारी ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

कैसे हुआ खुलासा?

यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब बैंकॉक से लौटे भिक्षुओं के समूह की एयरपोर्ट पर नियमित जांच की जा रही थी। अधिकारियों को उनके ट्रॉली बैग्स के वजन और संरचना में असामान्य बदलाव दिखा। संदेह गहराने पर जब बैग्स को खोला गया, तो अंदर फॉल्स वॉल (छिपी दीवार) बनाई गई थी, जिसके भीतर बड़े ही सुनियोजित तरीके से ड्रग्स के पैकेट छिपाए गए थे। कस्टम अधिकारियों के अनुसार, हर भिक्षु के बैग से लगभग 5 किलो कैनाबिस बरामद हुआ। कुल मिलाकर 110 किलो ड्रग्स जब्त किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.1 अरब श्रीलंकाई रुपये आंकी गई है।

मास्टरमाइंड और साजिश का जाल

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी प्रशिक्षु भिक्षु हैं। पुलिस ने एक 23वें भिक्षु को भी हिरासत में लिया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इसी व्यक्ति ने पूरी यात्रा को स्पॉन्सर किया और बाकी भिक्षुओं को यह कहकर बहकाया कि बैग में रखे पैकेट ‘दान’ की सामग्री हैं। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि ड्रग माफिया अब धार्मिक आस्था और भोलेपन का फायदा उठाकर अपने अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की आशंका

इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बैंकॉक से इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स का आना इस बात का संकेत है कि यह कोई सामान्य तस्करी नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या मंदिरों और धार्मिक यात्राओं का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा है।

उठते बड़े सवाल

इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:

  • क्या धार्मिक संस्थानों का दुरुपयोग बढ़ रहा है?

  • क्या अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया अब नई रणनीतियों के साथ काम कर रहे हैं?

  • क्या सुरक्षा एजेंसियों को धार्मिक यात्राओं की जांच और कड़ी करनी चाहिए?

  • क्या भोले लोगों को जानबूझकर इस तरह के अपराधों में फंसाया जा रहा है?

Q1. कितनी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई?

Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए?

Q3. ड्रग्स कहां से लाई जा रही थी?

Q4. क्या यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है?

Q5. ड्रग्स की कीमत कितनी है?

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निष्कर्ष: यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है। जब पवित्रता के प्रतीक माने जाने वाले लोग ही अपराध में शामिल पाए जाएं, तो भरोसे की नींव हिलना स्वाभाविक है। अब जरूरी है कि जांच एजेंसियां सख्ती से कार्रवाई करें और इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचें।

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