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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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एशियन गेम्स में भारत की स्क्वैश में डबल सिल्वर, अनाहत और अभय ने रचा इतिहास

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
27 सित॰
2 मिनट पठन
एशियन गेम्स 2026 पोस्टर: भारतीय जोड़ी अनाहत-अभय पदक संग, तिरंगा, गोल्डन शहर व बड़े हिंदी शीर्षक दिखते हैं

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com नागोया, 27 सितंबर 2026। जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय स्क्वैश ने रविवार को इतिहास रच दिया। अनाहत सिंह और अभय सिंह ने महिला एवं पुरुष एकल स्पर्धाओं में रजत पदक जीतकर भारत की झोली में दो पदक जोड़े। दोनों भारतीय खिलाड़ी फाइनल में मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों से हार गए, लेकिन एक ही एशियन गेम्स में पुरुष और महिला एकल के फाइनल तक पहुंचने की उपलब्धि भारतीय स्क्वैश के लिए महत्वपूर्ण रही।


अभय सिंह को पुरुष एकल में रजत


पुरुष एकल के फाइनल में भारत के अभय सिंह का सामना मलेशिया के एनजी ईन योउ से हुआ। मलेशियाई खिलाड़ी ने मुकाबला 11-9, 11-5, 11-5 से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अभय को रजत पदक मिला।

एनजी ईन योउ ने इस जीत के साथ एशियन गेम्स में अपना खिताब बरकरार रखा। अभय ने इससे पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।


अनाहत सिंह ने रचा ऐतिहासिक अध्याय


महिला एकल के फाइनल में 18 वर्षीय अनाहत सिंह का मुकाबला मलेशिया की सिवसंगरी सुब्रमण्यम से हुआ। सिवसंगरी ने 11-4, 11-4, 11-7 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि अनाहत को रजत पदक मिला। अनाहत ने इससे पहले सेमीफाइनल में जापान की सातोमी वतनाबे के खिलाफ पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स के महिला स्क्वैश एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।


पहली बार दोनों भारतीय एकल फाइनलिस्ट


अनाहत और अभय की उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय रही क्योंकि एशियन गेम्स में पहली बार भारत के पुरुष और महिला स्क्वैश एकल खिलाड़ी एक ही संस्करण में फाइनल तक पहुंचे। इससे पहले भारत के लिए स्क्वैश में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक आते रहे हैं, लेकिन दोनों एकल वर्गों में एक साथ फाइनल तक पहुंचने का यह पहला अवसर रहा। अनाहत के लिए यह एशियन गेम्स में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में मिश्रित युगल और टीम स्पर्धाओं में कांस्य पदक भी जीते थे। वहीं अभय ने हांगझोउ में टीम स्पर्धा में स्वर्ण और मिश्रित युगल में कांस्य पदक हासिल किया था।


स्क्वैश में भारत का पदक अभियान मजबूत


अनाहत और अभय के दो रजत पदकों के अलावा भारत ने स्क्वैश में मिश्रित युगल स्पर्धा में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के जरिए कांस्य पदक भी हासिल किया है। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में स्क्वैश से भारत के पदकों की संख्या कम से कम तीन हो गई है। 27 सितंबर को इन मुकाबलों के बाद उपलब्ध पदक तालिका के अनुसार भारत के खाते में 4 स्वर्ण, 14 रजत और 14 कांस्य सहित कुल 32 पदक दर्ज हो गए थे।अनाहत सिंह और अभय सिंह के रजत पदकों ने भारतीय स्क्वैश के अभियान में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। स्वर्ण से चूकने के बावजूद दोनों खिलाड़ियों का एकल फाइनल तक पहुंचना एशियन गेम्स में भारतीय स्क्वैश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को रेखांकित करता है।

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